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Chamba News: बिना स्टाफ बने खंडहर, 22 में से 13 उप स्वास्थ्य केंद्र में लटके ताले
Sun, 03 Nov 2024 09:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 03 Nov 2024 09:59 PM IST
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सलूणी (चंबा)। प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे तो करती है, लेकिन आकांक्षी जिले के स्वास्थ्य खंड किहार में हालात बेहद खराब हैं। खंड के तहत 13 स्वास्थ्य उप केंद्रों में ताले लटके हैं। महज नौ में ही स्टाफ तैनात है।
स्वास्थ्य खंड किहार के तहत 22 स्वास्थ्य उप केंद्र आते हैं। सरकार ने करोड़ों रुपये की राशि खर्च कर इन स्वास्थ्य उप केंद्रों के लिए भवन भी बनाकर दिए हैं, मगर स्टाफ न होने से बंद पड़े स्वास्थ्य उप केंद्र खंडहर बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी मामले को लेकर उचित पहल करता नजर नहीं आ रहा है। उच्चाधिकारियों से पत्राचार ही किया जा रहा है। सरकार की ओर से स्टाफ की तैनाती नहीं की जा रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र प्रियुंगल, भांदल, किलोड़, गुलेल, दियोतनार, पंजेई, ऑयल, बिहाली, द्रेकड़ी, तेलका, करवाल, भींग और करयूं में स्वास्थ्य केंद्र पिछले करीब 15 साल से बंद पड़े है। मात्र डांड, डियूर, कंधवारा, तुंगाला, भड़ेला, मलाल, भलेई, गराहन और कुंदी स्वास्थ्य उप केंद्र में ही कर्मचारी तैनाती की गई है।
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सुरेश कुमार, सतीश कुमार, प्रेम सिंह, प्रभिया राम, बिहाली राम और चैन सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य उप केंद्रों के लिए भवन बनाए गए हैं। कर्मचारियों की तैनाती न होने से ये स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इन स्वास्थ्य उप केंद्रों में स्टाफ की तैनाती की जाए।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य उप केंद्रों में महिला स्वास्थ्य कर्मचारी और पुरुष कर्मचारी की तैनाती रहती है। गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण और समय समय पर टेस्ट करवाए जाते हैं। साथ ही महिलाओं को जरूरी परामर्श भी दिया जाता है।
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उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन ठाकुर ने कहा कि इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही नए स्टाफ की तैनाती करेगी।
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स्वास्थ्य खंड किहार के तहत 22 स्वास्थ्य उप केंद्र आते हैं। सरकार ने करोड़ों रुपये की राशि खर्च कर इन स्वास्थ्य उप केंद्रों के लिए भवन भी बनाकर दिए हैं, मगर स्टाफ न होने से बंद पड़े स्वास्थ्य उप केंद्र खंडहर बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी मामले को लेकर उचित पहल करता नजर नहीं आ रहा है। उच्चाधिकारियों से पत्राचार ही किया जा रहा है। सरकार की ओर से स्टाफ की तैनाती नहीं की जा रही है।
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विभागीय जानकारी के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र प्रियुंगल, भांदल, किलोड़, गुलेल, दियोतनार, पंजेई, ऑयल, बिहाली, द्रेकड़ी, तेलका, करवाल, भींग और करयूं में स्वास्थ्य केंद्र पिछले करीब 15 साल से बंद पड़े है। मात्र डांड, डियूर, कंधवारा, तुंगाला, भड़ेला, मलाल, भलेई, गराहन और कुंदी स्वास्थ्य उप केंद्र में ही कर्मचारी तैनाती की गई है।
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सुरेश कुमार, सतीश कुमार, प्रेम सिंह, प्रभिया राम, बिहाली राम और चैन सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य उप केंद्रों के लिए भवन बनाए गए हैं। कर्मचारियों की तैनाती न होने से ये स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इन स्वास्थ्य उप केंद्रों में स्टाफ की तैनाती की जाए।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य उप केंद्रों में महिला स्वास्थ्य कर्मचारी और पुरुष कर्मचारी की तैनाती रहती है। गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण और समय समय पर टेस्ट करवाए जाते हैं। साथ ही महिलाओं को जरूरी परामर्श भी दिया जाता है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन ठाकुर ने कहा कि इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही नए स्टाफ की तैनाती करेगी।