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Chamba News: मटवाड़ के चार बच्चों के घर की होगी मरम्मत, गोशाला भी बनेगी
Wed, 17 Dec 2025 10:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Dec 2025 10:22 PM IST
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चंबा के घरमाणी जंगल में भड़की आग।संवाद
तेलका (चंबा)। भजौत्रा पंचायत के मटवाड़ गांव के चार नाबालिग बच्चों को अब जर्जर मकान में जीवन यापन नहीं करना पड़ेगा। टीडी के तहत लकड़ी स्वीकृत कर एक माह में उनके मकान की मरम्मत की जाएगी। साथ ही अलग से गोशाला भी बनवाई जाएगी। बुधवार को स्थिति का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम सलूणी चंद्रवीर सिंह ने यह बात कही।
पिता के देहांत और मां के छोड़कर जाने से ये नाबालिग जर्जर गोशाला में रहने के लिए मजबूर हैं। उधर, इस मामले में बीएमओ किहार को निर्देश जारी कर एसडीएम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के फरमान भी जारी किए हैं। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद अब एसडीएम त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों से मिले।
एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारों नाबालिग बच्चों को सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बच्चों के वर्तमान कच्चे मकान की तत्काल मरम्मत करवाई जाएगी। जब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत होकर बन नहीं जाता, तब तक कच्चे मकान को रहने योग्य और सुरक्षित बनाया जाएगा। बच्चों को सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी। उपमंडलाधिकारी ने बच्चों के दिवंगत पिता के नाम पर चल रहे ऋण को लेकर भी गंभीरता दिखाई। इस संबंध में उन्होंने तेलका स्थित बैंक प्रबंधक से चर्चा कर ऋण के समाधान की दिशा में प्रयास शुरू किए, ताकि कर्ज का बोझ इन मासूम बच्चों पर न पड़े। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य, संरक्षण और पुनर्वास को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और इस मामले में जल्द ठोस व स्थायी कदम उठाए जाएंगे।
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पिता के देहांत और मां के छोड़कर जाने से ये नाबालिग जर्जर गोशाला में रहने के लिए मजबूर हैं। उधर, इस मामले में बीएमओ किहार को निर्देश जारी कर एसडीएम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के फरमान भी जारी किए हैं। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद अब एसडीएम त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों से मिले।
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एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारों नाबालिग बच्चों को सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बच्चों के वर्तमान कच्चे मकान की तत्काल मरम्मत करवाई जाएगी। जब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत होकर बन नहीं जाता, तब तक कच्चे मकान को रहने योग्य और सुरक्षित बनाया जाएगा। बच्चों को सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी। उपमंडलाधिकारी ने बच्चों के दिवंगत पिता के नाम पर चल रहे ऋण को लेकर भी गंभीरता दिखाई। इस संबंध में उन्होंने तेलका स्थित बैंक प्रबंधक से चर्चा कर ऋण के समाधान की दिशा में प्रयास शुरू किए, ताकि कर्ज का बोझ इन मासूम बच्चों पर न पड़े। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य, संरक्षण और पुनर्वास को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और इस मामले में जल्द ठोस व स्थायी कदम उठाए जाएंगे।

चंबा के घरमाणी जंगल में भड़की आग।संवाद

चंबा के घरमाणी जंगल में भड़की आग।संवाद
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