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डेढ़ सौ विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
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तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल में वर्ष 2006 में जसौरगढ़ विद्यालय को माध्यमिक से वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा तो दे दिया गया लेकिन स्कूल में प्रवक्ताओं के पद खाली पड़े हैं। हालात यह हैं कि स्कूल में डेढ़ सौ विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है।
विद्यालय में शारीरिक शिक्षक और अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता ही जमा एक और दो के डेढ़ सौ विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। जबकि विद्यालय में स्वीकृत आठ पदों में से छह पद रिक्त हैं। अनिवार्य विषय के पद रिक्त होने से विद्यार्थियों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।
जसौरगढ़ स्कूल में जसौरगढ़ और दियोला पंचायतों के लंगा, कुरमोठ, सलोह, जोकयानी, नगाली, दुवारी, शुक्रेला और घेवा गांवों से आठ किलोमीटर का सफर तय कर विद्यार्थी पढ़ाई करने के लिए पहुंच रहे हैं। स्कूल में पद रिक्त होने से कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल से निकलवाकर चंबा स्थित विद्यालय में भेज दिया है। गौरतलब है कि इस स्कूल में प्रधानाचार्य, इतिहास, राजनीति शास्त्र, हिंदी, हिसाब और कंप्यूटर विषयों के प्रवक्ताओं के पद खाली हैं।
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दियोला के प्रधान लेखराज नेगी, जसौरगढ़ के उपप्रधान कुलदीप सिंह सहित अभिभावक सुभाष नेगी और चमन नेगी ने बताया कि जिनके पास पैसे हैं, वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रहे हैं लेकिन गरीब तबके के लोगों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि शीघ्र रिक्त पद भरें जाए।
शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि रिक्त पदों के बारे में शिक्षा निदेशालय को अवगत करवाया गया है।
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विद्यालय में शारीरिक शिक्षक और अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता ही जमा एक और दो के डेढ़ सौ विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। जबकि विद्यालय में स्वीकृत आठ पदों में से छह पद रिक्त हैं। अनिवार्य विषय के पद रिक्त होने से विद्यार्थियों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।
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जसौरगढ़ स्कूल में जसौरगढ़ और दियोला पंचायतों के लंगा, कुरमोठ, सलोह, जोकयानी, नगाली, दुवारी, शुक्रेला और घेवा गांवों से आठ किलोमीटर का सफर तय कर विद्यार्थी पढ़ाई करने के लिए पहुंच रहे हैं। स्कूल में पद रिक्त होने से कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल से निकलवाकर चंबा स्थित विद्यालय में भेज दिया है। गौरतलब है कि इस स्कूल में प्रधानाचार्य, इतिहास, राजनीति शास्त्र, हिंदी, हिसाब और कंप्यूटर विषयों के प्रवक्ताओं के पद खाली हैं।
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दियोला के प्रधान लेखराज नेगी, जसौरगढ़ के उपप्रधान कुलदीप सिंह सहित अभिभावक सुभाष नेगी और चमन नेगी ने बताया कि जिनके पास पैसे हैं, वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रहे हैं लेकिन गरीब तबके के लोगों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि शीघ्र रिक्त पद भरें जाए।
शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि रिक्त पदों के बारे में शिक्षा निदेशालय को अवगत करवाया गया है।