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Chamba News: 30 को बंद होंगे कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट
Mon, 20 Nov 2023 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 20 Nov 2023 10:35 PM IST
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कार्तिक स्वामी मंदिर और मौजूद पुजारी।संवाद
भरमौर (चंबा)। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 30 नवंबर वीरवार को दोपहर 12:00 बजे बंद होंगे। हर वर्ष की भांति इस बार भी मार्गशीर्ष 15 देसी तारीख को कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट पूजा-अर्चना और हवन के उपरांत बंद कर दिए जाएंगे।
इसे स्थानीय भाषा में अंदरोल कहा जाता है। अंदरोल के दौरान ऊंचाई वाले मंदिर में जहां देवताओं का मूल थान होता है, वहां जाना निषेध माना जाता है। पांच माह बंद रहने के बाद वैशाखी के दिन मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनों के लिए खुलेंगे। कार्तिक स्वामी मंदिर के मुख्य पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि शिव पुत्र कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट मार्गशीर्ष 15 देसी यानी 30 नवंबर को दोपहर 12:00 बजे बंद होंगे और अगले वर्ष 2024 में वैशाखी के दिन फिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुलेंगे। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 135 दिन तक बंद रहेंगे। कार्तिक स्वामी के बारे में मान्यता है कि इस दौरान दक्षिण भारत में अपने स्थान पर चले जाते हैं। कार्तिक स्वामी के मंदिर में काफी तादाद पर भक्त मन्नतें मांगने और पूरी होने पर आते हैं। कहा कि लौहाल-स्पीति से पैदल यात्रा कर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। साथ ही कई भक्त पवित्र कैलाश की परिक्रमा के दौरान कार्तिक स्वामी के दर्शन करके यात्रा का पुण्य कमाते हैं।
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इसे स्थानीय भाषा में अंदरोल कहा जाता है। अंदरोल के दौरान ऊंचाई वाले मंदिर में जहां देवताओं का मूल थान होता है, वहां जाना निषेध माना जाता है। पांच माह बंद रहने के बाद वैशाखी के दिन मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनों के लिए खुलेंगे। कार्तिक स्वामी मंदिर के मुख्य पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि शिव पुत्र कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट मार्गशीर्ष 15 देसी यानी 30 नवंबर को दोपहर 12:00 बजे बंद होंगे और अगले वर्ष 2024 में वैशाखी के दिन फिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुलेंगे। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 135 दिन तक बंद रहेंगे। कार्तिक स्वामी के बारे में मान्यता है कि इस दौरान दक्षिण भारत में अपने स्थान पर चले जाते हैं। कार्तिक स्वामी के मंदिर में काफी तादाद पर भक्त मन्नतें मांगने और पूरी होने पर आते हैं। कहा कि लौहाल-स्पीति से पैदल यात्रा कर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। साथ ही कई भक्त पवित्र कैलाश की परिक्रमा के दौरान कार्तिक स्वामी के दर्शन करके यात्रा का पुण्य कमाते हैं।
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