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देश के प्रतिष्ठित पदों पर विराजमान महिलाएं अन्य के लिए बनी रोल मॉडल

Wed, 20 Apr 2022 11:45 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 11:45 PM IST
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The conservative thinking of the society does not allow progress
हिम नवोदय नर्सिंग स्कूल ओबड़ी में अपराजिता कार्यक्रम के दौरान मौजूद प्रशिक्षु।संवाद - फोटो : Chamba
चंबा। समाज में महिलाओं को विशेष दर्जा प्राप्त है। देश के कई प्रतिष्ठित पदों पर महिलाएं विराजमान हैं, जो अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल का काम करती हैं।
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आज की लड़कियां भी उन मुकाम को हासिल कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों का शालीनता से हल निकालना चाहिए।
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हिम नवोदय नर्सिंग स्कूल ओबड़ी में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उपमंडल अधिकारी नागरिक नवीन तनवर ने यह बात कही। युवतियां नर्सिंग का प्रशिक्षण हासिल कर सबसे बड़ी सेवा करने के लिए आगे आएंगी। उन्हें शालीनता से आगे बढ़ते हुए हर परिस्थिति में उभरकर आगे बढ़ना होगा। एसडीएम ने कहा कि सोशल मीडिया के फायदों के साथ नुकसान भी असंख्य हैं। लिहाजा, सभी को सोशल मीडिया से सावधान रहना चाहिए। नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ इंटरनेट का उपयोग वे कामयाब लोगों की जीवनियों को पढ़ने और उनके पद चिह्नों पर चलने के लिए लड़कियां कर सकती हैं। कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।
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कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षु नर्सों को संबोधित करते हुए चाइल्ड लाइन चंबा के जिला समन्वयक कपिल शर्मा ने कहा कि लोगों की रूढ़िवादी सोच लड़कियों को आगे बढ़ने नहीं देती है। जब तक लोगों की सोच नहीं बदलेगी, तब तक लड़कियों का आगे बढ़ना असंभव है। लोगों की सोच बदलेगी तो समाज में बदलाव संभव है। कहा कि लड़कियां अपने भीतर की शक्ति को पहचान कर बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं। बताया कि जिले में आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों ने लड़कियों को परिवार रजिस्टर में पंजीकृत तक नहीं करवाया है। ऐसे कई मामले चाइल्ड लाइन के समक्ष पहुंचे हैं। इन परिवारों के पंजीकरण का मुख्य कारण घरेलू हिंसा के बाद पति-पत्नी का दूसरा विवाह करना रहता है। परिवार के बच्चे माता-पिता के अलग होने से अपने दादा-दादी, नाना-नानी के पास ही रहने को मजबूर हो जाते हैं। लिहाजा, पंचायत के रिकॉर्ड में उन्हें पंजीकृत तक नहीं करवाया जाता है। हिम नवोदय नर्सिंग स्कूल की प्रधानाचार्य सिखा थापा ने कहा कि महिलाओं का दायित्व सबसे ऊपर रहता है। बहन, मां और स्त्री के रूप में उसे कई किरदार अदा करते हुए समाज को आगे ले जाने में भी अहम योगदान देना पड़ता है। उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं में आत्म सम्मान बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों केे प्रति जागरूक करते हैं। कार्यक्रम में संस्थान के चेयरमैन अरविंद ठाकुर, उप प्रधानाचार्य कालिका समेत अन्य अध्यापकों में शीतला, ब्रजेश, कनिका, भारती, कोमल सहित नर्सिंग प्रशिक्षु मौजूद रहीं।
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