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Chamba News: कार्यों का जायजा लेने जर्मनी से चंबा पहुंची टीम
Sat, 07 Oct 2023 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 07 Oct 2023 11:04 PM IST
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चंबा। जर्मनी से आई टीम ने चंबा जिले में हिमाचल प्रदेश फाॅरेस्ट ईको सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट (केएफडब्ल्यू) के तहत हुए कार्यों का सर्वेक्षण किया।
टीम के सदस्यों ने उन सभी पंचायतों का दौरा किया, जहां पर इस प्रोजेक्ट के तहत कार्य करवाए गए हैं। टीम ने अभी तक हुए कार्यों को लेकर संतोष जताया है।
प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लैंटाना घास उखाड़ने से लेकर पौधरोपण और बर्मी कंपोस्टिंग यूनिट के निर्माण सहित कई कार्य करवाए जा रहे हैं। इनके सर्वेक्षण के लिए जर्मनी की टीम तीन दिन तक चंबा में रही। वीरवार को टीम चंबा पहुंची थी। शनिवार को टीम वापस चली गई। टीम में कुल नौ सदस्य शामिल थे। इनमें तीन जर्मनी और एक तमिलनाडु से शामिल रहा। पांच लोग हिमाचल के विभिन्न जिलों से आए थे। वन विभाग के अधिकारी भी सर्वेक्षण के दौरान मौजूद रहे। चंबा मंडल में वनमंडलाधिकारी ने टीम को प्रोजेक्ट के तहत हुए कार्यों का सर्वेक्षण करवाया।
प्रोजेक्ट के तहत हर साल चंबा में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। यह बजट जर्मनी से आता है। इसके चलते टीम कार्यों का सर्वेक्षण करने के लिए आती है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रोजेक्ट को भविष्य में चलाने की अनुमति मिलती है। प्रोजेक्ट के तहत जिले के जंगलों में पौधारोपण किया गया है। लैंटाना घास को भी उखाड़ा गया। प्रोजेक्ट के तहत कार्य ठेकेदार या विभाग नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर गठित सोसायटी के जरिये होते हैं। पंचायत में पहले प्रोजेक्ट के तहत सोसायटी का गठन किया जाता है। सोसायटी ही कार्य करवाने का फैसला लेती है।
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वनमंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि जर्मनी से टीम चंबा पहुंची थी। टीम ने सभी कार्यों का सर्वेक्षण किया है। कार्यों को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं नजर आई। इसके चलते टीम ने संतोष जताया है।
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टीम के सदस्यों ने उन सभी पंचायतों का दौरा किया, जहां पर इस प्रोजेक्ट के तहत कार्य करवाए गए हैं। टीम ने अभी तक हुए कार्यों को लेकर संतोष जताया है।
प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लैंटाना घास उखाड़ने से लेकर पौधरोपण और बर्मी कंपोस्टिंग यूनिट के निर्माण सहित कई कार्य करवाए जा रहे हैं। इनके सर्वेक्षण के लिए जर्मनी की टीम तीन दिन तक चंबा में रही। वीरवार को टीम चंबा पहुंची थी। शनिवार को टीम वापस चली गई। टीम में कुल नौ सदस्य शामिल थे। इनमें तीन जर्मनी और एक तमिलनाडु से शामिल रहा। पांच लोग हिमाचल के विभिन्न जिलों से आए थे। वन विभाग के अधिकारी भी सर्वेक्षण के दौरान मौजूद रहे। चंबा मंडल में वनमंडलाधिकारी ने टीम को प्रोजेक्ट के तहत हुए कार्यों का सर्वेक्षण करवाया।
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प्रोजेक्ट के तहत हर साल चंबा में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। यह बजट जर्मनी से आता है। इसके चलते टीम कार्यों का सर्वेक्षण करने के लिए आती है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रोजेक्ट को भविष्य में चलाने की अनुमति मिलती है। प्रोजेक्ट के तहत जिले के जंगलों में पौधारोपण किया गया है। लैंटाना घास को भी उखाड़ा गया। प्रोजेक्ट के तहत कार्य ठेकेदार या विभाग नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर गठित सोसायटी के जरिये होते हैं। पंचायत में पहले प्रोजेक्ट के तहत सोसायटी का गठन किया जाता है। सोसायटी ही कार्य करवाने का फैसला लेती है।
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वनमंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि जर्मनी से टीम चंबा पहुंची थी। टीम ने सभी कार्यों का सर्वेक्षण किया है। कार्यों को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं नजर आई। इसके चलते टीम ने संतोष जताया है।