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सिल्लाघ्राट के मेंगल गांव में मारपीट के बाद तनाव
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
Updated Sat, 11 Jun 2016 10:51 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सिल्लाघ्राट के मेंगल गांव में सामुदायिक तनाव बढ़ गया है। यहां रह रहे करीब 15 हिंदू परिवारों ने प्रशासन से उन्हें दूसरी जगह बसाने की इच्छा जाहिर की है। इन परिवारों का कहना है कि उन पर भारी दबाव है और उनके बच्चों को स्कूल जाने से रोका जा रहा है।
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स्कूल की जमीन को कब्जे में लेकर दूसरे समुदाय विशेष के लोग कब्रिस्तान बनाने की कोशिश कर रहे हैं और उनके बच्चों को स्कूल न भेजने की धमकियां दी जा रही हैं। उनकी खड़ी फसलों पर मवेशी छोड़े जा रहे हैं। उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया गया है साथ ही सरकारी जमीन पर भी गैर कानूनी ढंग से कब्जा किया जा रहा है। चंबा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मेंगल के ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे कुलदीप ने बताया कि नौ जून को जब एक बच्चा अपनी बकरियां चरा रहा था तो उसकी कुछ बकरियां दूसरे समुदाय के बाड़े चली गई और समुदाय के लोगों ने बातचीत करने की जगह बच्चे की धुनाई कर दी। जब उनके लोग इस मसले पर बातचीत करने के लिए जा रहे थे तो उन पर भी हमला बोला गया और उनके कई लोग जख्मी होकर अस्पताल पहुंच गए।
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पुलिस ने इस मामले में दूसरे समुदाय के चार लोगों को गिरफ्तार किया था। अब इसके विरोध में सभी लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। गांव में उनके समुदाय के लोग अल्पसंख्यक हैं। यहां उनकी आबादी 80 से 100 के बीच है जबकि दूसरे समुदाय की आबादी 400 से 500 के बीच है। जिससे उनका गांव में रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि वे अपनी जमीन सरकार को देने के लिए तैयार हैं, बर्शते उन्हें सरकार की तरफ से किसी दूसरी जगह रिहायश मिल सके। जहां वे अपने बच्चों को पढ़ा सकें। पीड़ित समुदाय ने पुलिस से भी सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राष्ट्रपति, राज्यपाल व सांसद शांता कुमार को भी वे शिकायत पत्र सौंपेंगे। इस मौके पर चाइल्ड लाइन संस्था से कपिल शर्मा, बलि राम, देस राज, होशियारा राम, कर्मो, देस राज, मनोज व जगदेव उपस्थित थे।
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स्कूल को कब्रिस्तान बनने से रोके राजस्व विभाग
ग्रामीणों ने बताया कि वे राजस्व विभाग से भी मांग करेंगे कि समुदाय विशेष की जमीनों की पैमाइश की जाए। उसके बाद उन्हें उचित खाली जगह पर कब्रिस्तान बनाने के लिए जमीन मुहैया करवाई जाए और शिक्षा व वन विभाग की जमीन को कब्रिस्तान बनने से रोका जाए।
मामले की उचित जांच करेगा प्रशासन : उपायुक्त
उपायुक्त सुदेश मोख्टा का कहना है कि यह दो समुदाय के बीच तनाव का मामला है। प्रशासन इस मामले की पूरी जांच करेगा और जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे मौके पर जाकर सभी तथ्य ही सही ढंग से पड़ताल करे। उन्होंने दोनों समुदाय के लोगों से आह्वान किया है कि वे शांति बनाए रखें। साथ ही पुलिस को भी गांव पर नजर रखने के निर्देश दिए जाएंगे।