{"_id":"66478b43d75d264b0707b487","slug":"prepare-traditional-dishes-of-himachali-and-kerala-and-decorate-them-in-the-exhibition-chamba-news-c-88-1-ssml1006-125081-2024-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: हिमाचली और केरल के पारंपरिक पकवान बनाकर प्रदर्शनी में सजाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: हिमाचली और केरल के पारंपरिक पकवान बनाकर प्रदर्शनी में सजाए
Fri, 17 May 2024 10:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 17 May 2024 10:22 PM IST
विज्ञापन
चंबा की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोह टिकरी में एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के दौरान मौ
नकरोड़ (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोह टिकरी में बच्चों ने हिमाचली और केरल के पारंपरिक व्यंजनों को बनाकर प्रदर्शनी में सजाए।
यह गतिविधि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत पाठशाला में आयोजित की गई। यह गतिविधि नीलम की देखरेख में की गई। इसमें बच्चों ने कुल्लू के सिड्डू, चंबा की कसरोड़, सफेद मक्की की रोटी, चुराह की घी बड़ी, कराची हलवा, चुराह के मंडे, शहद, अरबी के पत्तों के पकौड़े, बबरू, गेहूं व मक्की के लड्डू और अखरोट की चटनी मुख्य रूप से शामिल रहे। इन व्यंजनों को बनाकर छात्रों ने पारंपरिक व्यंजनों का महत्व बताया। इसके अलावा केरल के पकवान जैसे सांबर बड़ा, इडली, डोसा, केरल का मसाला, परांठा, नारियल की चटनी, केले की सब्जी, केले की चटनी, मोरा कड़ी, टमाटर का कुरमा, बड़ा पाव और दाल बड़ा भी इस प्रदर्शनी में बनाकर सजाए। प्रधानाचार्य शक्ति सूद ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें प्रदर्शित पकवानों का स्वाद चखा। साथ ही बच्चों की मेहनत की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी से विद्यार्थियों में जहां पारंपरिक व्यंजनों के प्रति रूची बढ़ती है। साथ ही उनकी महत्वता के बारे में भी जानने का मौका मिलता है। इस मौके पर अध्यापकों में रविंद्र, हेमंत, बलदेव, तेज सिंह, कमल देव, उत्तम, रिचा सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
--
विज्ञापन
यह गतिविधि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत पाठशाला में आयोजित की गई। यह गतिविधि नीलम की देखरेख में की गई। इसमें बच्चों ने कुल्लू के सिड्डू, चंबा की कसरोड़, सफेद मक्की की रोटी, चुराह की घी बड़ी, कराची हलवा, चुराह के मंडे, शहद, अरबी के पत्तों के पकौड़े, बबरू, गेहूं व मक्की के लड्डू और अखरोट की चटनी मुख्य रूप से शामिल रहे। इन व्यंजनों को बनाकर छात्रों ने पारंपरिक व्यंजनों का महत्व बताया। इसके अलावा केरल के पकवान जैसे सांबर बड़ा, इडली, डोसा, केरल का मसाला, परांठा, नारियल की चटनी, केले की सब्जी, केले की चटनी, मोरा कड़ी, टमाटर का कुरमा, बड़ा पाव और दाल बड़ा भी इस प्रदर्शनी में बनाकर सजाए। प्रधानाचार्य शक्ति सूद ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें प्रदर्शित पकवानों का स्वाद चखा। साथ ही बच्चों की मेहनत की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी से विद्यार्थियों में जहां पारंपरिक व्यंजनों के प्रति रूची बढ़ती है। साथ ही उनकी महत्वता के बारे में भी जानने का मौका मिलता है। इस मौके पर अध्यापकों में रविंद्र, हेमंत, बलदेव, तेज सिंह, कमल देव, उत्तम, रिचा सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद