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मरीज भुगत रहे डॉक्टरों की कमी का खामियाजा
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किहार (चंबा)। सिविल अस्पताल किहार में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान समय में पुराने भवन में चल रहे अस्पताल के लिए स्वीकृत छह पदों में से तीन ही भरे हुए हैं। इसका खामियाजा यहां उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने से छह पंचायतों की 13,000 की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरी में स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए सिविल अस्पताल सलूणी या मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों की जेबों पर भी खूब कैंची चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार प्रदेश सरकार, राजनीतिज्ञों और स्वास्थ्य विभाग से रिक्त पदों को भरने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने कहा है कि रिक्त पदों को न भरा गया तो ग्रामीण विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं।
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी हैं। किहार सिविल अस्पताल में चिकित्सीय स्टाफ सहित मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। -असगर शाह, उपप्रधान सूरी।
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किहार अस्पताल में छह पंचायतों की तेरह हजार आबादी निर्भर है लेकिन यहां पर अल्ट्रासाउंड तक की सुविधा मरीजों को नहीं मिलती है। -याकूब मांगरा, भांदल, पूर्व प्रधान।
सरकार के बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं की क्षेत्र में पोल खुल रही है। यहां के लोगों को उपचार के लिए सलूणी या फिर मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ रहा है। मदन लाल, निवासी, भांदल।
अस्पताल पुराने भवन में चल रहा है। यहां पर तैनात चिकित्सकों सहित मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था भी यहां पर नहीं है।-चमारू राम, निवासी किलोड़।
किहार अस्पताल में वर्तमान में तीन चिकित्सक तैनात हैं। इनमें से एक चिकित्सक मेडिकल कॉलेज चंबा में डेपुटेशन पर तैनात है।
डॉ. श्याम लाल शर्मा, बीएमओ किहार।
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अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने से छह पंचायतों की 13,000 की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरी में स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए सिविल अस्पताल सलूणी या मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों की जेबों पर भी खूब कैंची चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार प्रदेश सरकार, राजनीतिज्ञों और स्वास्थ्य विभाग से रिक्त पदों को भरने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने कहा है कि रिक्त पदों को न भरा गया तो ग्रामीण विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं।
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क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी हैं। किहार सिविल अस्पताल में चिकित्सीय स्टाफ सहित मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। -असगर शाह, उपप्रधान सूरी।
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किहार अस्पताल में छह पंचायतों की तेरह हजार आबादी निर्भर है लेकिन यहां पर अल्ट्रासाउंड तक की सुविधा मरीजों को नहीं मिलती है। -याकूब मांगरा, भांदल, पूर्व प्रधान।
सरकार के बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं की क्षेत्र में पोल खुल रही है। यहां के लोगों को उपचार के लिए सलूणी या फिर मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ रहा है। मदन लाल, निवासी, भांदल।
अस्पताल पुराने भवन में चल रहा है। यहां पर तैनात चिकित्सकों सहित मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था भी यहां पर नहीं है।-चमारू राम, निवासी किलोड़।
किहार अस्पताल में वर्तमान में तीन चिकित्सक तैनात हैं। इनमें से एक चिकित्सक मेडिकल कॉलेज चंबा में डेपुटेशन पर तैनात है।
डॉ. श्याम लाल शर्मा, बीएमओ किहार।