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मेडिकल कॉलेज चंबा में चिकित्सक मरीजों को नहीं लिख रहे सस्ती जेनरिक दवाइयां
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मेडिकल कॉलेज चंबा में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की कतार।
- फोटो : Chamba
चंबा। दिन शनिवार और स्थान चंबा मेडिकल कॉलेज। समय सुबह दस बज रहे हैं। कॉलेज के जनऔषधि केंद्र में जेनेरिक दवाई लेने के लिए मात्र दो से तीन मरीज ही पहुंचे हैं। वहीं, सिविल सप्लाई और निजी केमिस्टों की दुकानों के बाहर दवाई लेने के लिए दर्जनों की संख्या में मरीज जुटे हैं। सुबह 11 बजे तक जन औषधि केंद्र में दस से बारह मरीज बढ़े। जबकि, निजी केमिस्टों की दुकानों में यह संख्या चार गुणा बढ़ गई।
ओपीडी में जाकर जब संवाददाता ने पड़ताल की तो ज्यादातर ओपीडी में मरीजों की लाइनें लगी हुई नजर आईं। मेडिकल कॉलेज में जहां विभिन्न ओपीडी में दिन भर में 600 से 800 के बीच मरीज अपना चेकअप करवाते हैं वहीं, जन औषधि केंद्र में मात्र सौ मरीज ही जेनेरिक दवाई लेने पहुंचते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक मरीजों को जन औषधि केंद्र की जेनेरिक दवाइयां ही नहीं लिख रहे हैं जबकि सरकार ने मरीजों की सुविधा के लिए जेनेरिक जन औषधि केंद्र खोल रखे हैं।
जन औषधि केंद्र में 70 फीसदी कम कीमत पर मिलती है दवाई
जन औषधि केंद्र में निजी केमिस्ट की तुलना में 70 प्रतिशत कम कीमत पर दवाई मिलती है। मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र में 250 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं लेकिन चिकित्सकों की ओर से मरीजों को जेनेरिक दवाई न लिखे जाने से उन्हें सस्ती दवाइयों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मोहन सिंह ने बताया कि चिकित्सकों को जेनेरिक और अस्पताल की दवाइयां मरीजों की पर्ची पर लिखने के लिए कहा गया है। इसके लिए दोबारा चिकित्सकों को निर्देश जारी किए जाएंगे।
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ओपीडी में जाकर जब संवाददाता ने पड़ताल की तो ज्यादातर ओपीडी में मरीजों की लाइनें लगी हुई नजर आईं। मेडिकल कॉलेज में जहां विभिन्न ओपीडी में दिन भर में 600 से 800 के बीच मरीज अपना चेकअप करवाते हैं वहीं, जन औषधि केंद्र में मात्र सौ मरीज ही जेनेरिक दवाई लेने पहुंचते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक मरीजों को जन औषधि केंद्र की जेनेरिक दवाइयां ही नहीं लिख रहे हैं जबकि सरकार ने मरीजों की सुविधा के लिए जेनेरिक जन औषधि केंद्र खोल रखे हैं।
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जन औषधि केंद्र में 70 फीसदी कम कीमत पर मिलती है दवाई
जन औषधि केंद्र में निजी केमिस्ट की तुलना में 70 प्रतिशत कम कीमत पर दवाई मिलती है। मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र में 250 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं लेकिन चिकित्सकों की ओर से मरीजों को जेनेरिक दवाई न लिखे जाने से उन्हें सस्ती दवाइयों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मोहन सिंह ने बताया कि चिकित्सकों को जेनेरिक और अस्पताल की दवाइयां मरीजों की पर्ची पर लिखने के लिए कहा गया है। इसके लिए दोबारा चिकित्सकों को निर्देश जारी किए जाएंगे।
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