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Chamba News: स्कूल समय के बाद जनगणना का काम करने के आदेश का विरोध
Sun, 07 Jun 2026 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:35 PM IST
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जिले के शिक्षक संगठन बोले -मूल शिक्षण कार्य पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव
सुझाव- जनगणना कार्य के लिए बेरोजगार युवाओं की ली जा सकती हैं सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा/बनीखेत। जनगणना-2027 के तहत शिक्षकों से स्कूल समय के बाद और अवकाश के दिनों में फील्ड कार्य करवाने की जिला प्रशासन की व्यवस्था का विभिन्न शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है।
शिक्षकों ने कहा कि पूरा दिन शिक्षण कार्य करने के बाद शाम को जनगणना जैसा जिम्मेदारीपूर्ण कार्य करना व्यावहारिक नहीं है। जिलाधीश ने 5 जून को जारी एक पत्र में जनगणना कार्य में नियुक्त शिक्षकों को यह कार्य स्कूल समय के बाद अथवा अवकाश के दिनों में करने के निर्देश दिए हैं। इस पर हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के जिला चंबा तथा राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ ने आपत्ति जताई है। जिला अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने कहा कि स्कूल समय के बाद जनगणना का कार्य करवाना शिक्षकों का शोषण है। इससे मूल शिक्षण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष संजय वर्मा और महासचिव सुनील सूर्यवंशी ने कहा कि जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय अभियान है। इसमें घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना, नक्शे तैयार करना, डिजिटल डाटा अपलोड करना, त्रुटियों का सुधार और सत्यापन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। पहले चरण में घरों, संस्थानों और अन्य संरचनाओं का मानचित्रण किया जाएगा। बाद में हर परिवार से जानकारी जुटानी होगी। शिक्षक संगठनों ने चिंता जताई कि जनगणना में बड़ी संख्या में महिला शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम अथवा रात तक सर्वेक्षण कार्य करना सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि वर्ष के अंत में शिक्षकों से बेहतर परीक्षा परिणामों की अपेक्षा की जाती है जबकि लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी तैनाती से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि जनगणना कार्य के लिए बेरोजगार युवाओं अथवा अलग से नियुक्त कर्मियों की सेवाएं ली जा सकती हैं। शिक्षक संगठनों ने उपायुक्त से मांग की है कि शिक्षकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए स्कूल समय के बाद जनगणना कार्य करवाने संबंधी आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।
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सुझाव- जनगणना कार्य के लिए बेरोजगार युवाओं की ली जा सकती हैं सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा/बनीखेत। जनगणना-2027 के तहत शिक्षकों से स्कूल समय के बाद और अवकाश के दिनों में फील्ड कार्य करवाने की जिला प्रशासन की व्यवस्था का विभिन्न शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है।
शिक्षकों ने कहा कि पूरा दिन शिक्षण कार्य करने के बाद शाम को जनगणना जैसा जिम्मेदारीपूर्ण कार्य करना व्यावहारिक नहीं है। जिलाधीश ने 5 जून को जारी एक पत्र में जनगणना कार्य में नियुक्त शिक्षकों को यह कार्य स्कूल समय के बाद अथवा अवकाश के दिनों में करने के निर्देश दिए हैं। इस पर हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के जिला चंबा तथा राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ ने आपत्ति जताई है। जिला अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने कहा कि स्कूल समय के बाद जनगणना का कार्य करवाना शिक्षकों का शोषण है। इससे मूल शिक्षण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष संजय वर्मा और महासचिव सुनील सूर्यवंशी ने कहा कि जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय अभियान है। इसमें घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना, नक्शे तैयार करना, डिजिटल डाटा अपलोड करना, त्रुटियों का सुधार और सत्यापन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। पहले चरण में घरों, संस्थानों और अन्य संरचनाओं का मानचित्रण किया जाएगा। बाद में हर परिवार से जानकारी जुटानी होगी। शिक्षक संगठनों ने चिंता जताई कि जनगणना में बड़ी संख्या में महिला शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम अथवा रात तक सर्वेक्षण कार्य करना सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि वर्ष के अंत में शिक्षकों से बेहतर परीक्षा परिणामों की अपेक्षा की जाती है जबकि लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी तैनाती से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि जनगणना कार्य के लिए बेरोजगार युवाओं अथवा अलग से नियुक्त कर्मियों की सेवाएं ली जा सकती हैं। शिक्षक संगठनों ने उपायुक्त से मांग की है कि शिक्षकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए स्कूल समय के बाद जनगणना कार्य करवाने संबंधी आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।
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