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Chamba News: प्रदेश में 22 जून को हड़ताल करेंगे मिड-डे मील वर्कर
Mon, 18 May 2026 10:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 18 May 2026 10:01 PM IST
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गरोला में आयोजित यूनियन की बैठक में बनाई गई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
धरवाला (चंबा)। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन सीटू की बैठक गरोला में हुई। इसकी अध्यक्षता ब्लाॅक अध्यक्ष आशा देवी ने की। सीटू की जिला महासचिव सुदेश ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहीं।
बैठक में कविता, स्त्रर्णा, बबली, जै देई, राधा, पुष्पा, सरोज, रेखा, तिमरो, लज्या, सुनीता, जिंदो देवी सहित अन्य मौजूद रहे। ठाकुर ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स को हर महीने वेतन नहीं मिलता बल्कि उन्हें तीन से चार महीने के बाद ही वेतन प्राप्त होता है। समय पर मानदेय न मिलने के कारण वे राशन की दुकानों में उधारी के सहारे अपने परिवार का पालन कर रहे हैं। ब्लाॅक के स्कूलों में मिड-डे मील वर्कर्स से अतिरिक्त काम करवाया जा रहा है। वर्तमान में वर्कर्स गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। देश के बच्चों को कुपोषण से बचाते बचाते खुद का परिवार कुपोषित हो रहा है। उन्हें छुट्टी नहीं मिल रही है। उच्च न्यायालय के 12 माह के निर्णय को लागू नहीं किया जा रहा है। पूरे शिक्षा विभाग में 12 माह का वेतन मिलता है लेकिन मिड डे मील वर्कर्स के साथ अन्याय किया जा रहा है। 25 बच्चों की शर्त के चलते वर्कर्स को नौकरी छोड़नी पड़ रही है। उन्हें कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सहायता या पेंशन भी नहीं मिलती। इस स्थिति के खिलाफ 22 जून को होने वाली प्रदेशव्यापी हड़ताल में मिड-डे मील वर्कर्स शामिल होंगे। सरकार लगातार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है, इसलिए वर्कर्स ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। मांगों को लेकर 22 जून को पूरे हिमाचल में हड़ताल करेंगे और शिमला में सचिवालय का घेराव करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धरवाला (चंबा)। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन सीटू की बैठक गरोला में हुई। इसकी अध्यक्षता ब्लाॅक अध्यक्ष आशा देवी ने की। सीटू की जिला महासचिव सुदेश ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहीं।
बैठक में कविता, स्त्रर्णा, बबली, जै देई, राधा, पुष्पा, सरोज, रेखा, तिमरो, लज्या, सुनीता, जिंदो देवी सहित अन्य मौजूद रहे। ठाकुर ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स को हर महीने वेतन नहीं मिलता बल्कि उन्हें तीन से चार महीने के बाद ही वेतन प्राप्त होता है। समय पर मानदेय न मिलने के कारण वे राशन की दुकानों में उधारी के सहारे अपने परिवार का पालन कर रहे हैं। ब्लाॅक के स्कूलों में मिड-डे मील वर्कर्स से अतिरिक्त काम करवाया जा रहा है। वर्तमान में वर्कर्स गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। देश के बच्चों को कुपोषण से बचाते बचाते खुद का परिवार कुपोषित हो रहा है। उन्हें छुट्टी नहीं मिल रही है। उच्च न्यायालय के 12 माह के निर्णय को लागू नहीं किया जा रहा है। पूरे शिक्षा विभाग में 12 माह का वेतन मिलता है लेकिन मिड डे मील वर्कर्स के साथ अन्याय किया जा रहा है। 25 बच्चों की शर्त के चलते वर्कर्स को नौकरी छोड़नी पड़ रही है। उन्हें कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सहायता या पेंशन भी नहीं मिलती। इस स्थिति के खिलाफ 22 जून को होने वाली प्रदेशव्यापी हड़ताल में मिड-डे मील वर्कर्स शामिल होंगे। सरकार लगातार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है, इसलिए वर्कर्स ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। मांगों को लेकर 22 जून को पूरे हिमाचल में हड़ताल करेंगे और शिमला में सचिवालय का घेराव करेंगे।
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