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Chamba News: तीसा अस्पताल में उपचार के लिए आएं तो ग्लव्ज और सिरिंज साथ लाएं
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स्वास्थ्य
अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 200 से 250 मरीज पहुंचते है इलाज करवानेदिसंबर माह से अब तक सिविल अस्पताल तीसा में नहीं पहुंच पाई है सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसीतीसा (चंबा)। अगर आप सिविल अस्पताल तीसा में आउट डोर उपचार के आ रहे हैं तो सिरिंज और ग्लव्स साथ लाएं। अस्पताल में सिरिंज और ग्लब्स का स्टॉक खत्म है। इस कारण करीब दो माह से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि अस्पताल की ओपीडी में आउटडोर में रोजाना 200 से 250 मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अब आउटडोर में मरीजों को उपचार करवाना मरीजों पर सरकारी अस्पताल में भी महंगा ही साबित हो रहा है। कुल मिलाकर सिविल अस्पताल तीसा में संसाधनों की कमी से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौर रहे कि चुराह उपमंडल की 55 पंचायतों तीसा प्रथम, तीसा द्वितीय, पधर, जुंगरा, खजुआ-बिहाली, नेरा, थल्ली, चिल्ली, सतयोआ, लेसुई, भराड़ा, टिकरीगढ़, देहरोग, भंजराडू, खुशनगरी, बघेईगढ़, चांजू, चरड़ा, देहरा, जसौरगढ़, दियोला, हिमगिरी, आयल, बणतंर, मक्कण, सनवाल, झझाकोठी, कुठेड़-बुदौड़ा, थनेईकोठी, सेईकोठी, डोंरी, गुवाड़ी इत्यादि की पौने दो लाख की आबादी उपचार के लिए तीसा अस्पताल पर ही निर्भर है। बता दें कि जिला चंबा के चुराह उपमंडल में बीपीएल परिवारों और अंत्योदेय परिवारों की तादाद सबसे अधिक है। ऐसे में इन वर्गो के मरीजों को काफी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इन परिवारों के लिए भले ही सरकार की ओर से मुफ्त इलाज करवाने और कई सरकारी योजनाएं तो चलाई गई हैं। लेकिन, धरातल पर हालात ऐसे है कि आर्थिक बोझ के चलते ये सब दबते जा रहे हैं।
अस्पताल पहुंचे मरीजों के तीमारदारों में हरीश कुमार, लाल चंद, देवी सिंह, जन्म सिंह, लतीफ मोहम्मद, जानकी देवी, कौश्लया देवी, आरती देवी ने बताया कि सिविल अस्पताल तीसा में वर्तमान में आउट डोर में उपचार करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को सिरिंज और ग्लव्ज के लिए दस से लेकर 45 रूपये खर्च कर लाने पड़ रहे हैं। इसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो पाता है। बताया कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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क्या कहना है अधिकारियों का
बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि डिमांड दिसंबर माह में ही भेजी गई है, लेकिन अब तक उसकी आपूर्ति हो पाई है। ऐसे में इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है। बताया कि शीघ्र ही विभाग को रिमाइंडर डिमांड भेजी जाएगी।
इनसेट
चुराह विधायक हंसराज ने बताया कि इससे वर्तमान सरकार की नाकामी को साबित होती है। बताया कि इतनी छोटी-छोटी चीजों के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। जबकि, पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में दवाइयों के साथ अन्य सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवाई जाती थी।
इनसेट
कांग्रेस प्रत्याशी यशवंत सिंह खन्ना ने बताया कि सीएमओ से इस संबंध में बात की जाएगी। साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस बात बारे जल्द ही विचार-विर्मश करने के बाद समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
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अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 200 से 250 मरीज पहुंचते है इलाज करवानेदिसंबर माह से अब तक सिविल अस्पताल तीसा में नहीं पहुंच पाई है सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसीतीसा (चंबा)। अगर आप सिविल अस्पताल तीसा में आउट डोर उपचार के आ रहे हैं तो सिरिंज और ग्लव्स साथ लाएं। अस्पताल में सिरिंज और ग्लब्स का स्टॉक खत्म है। इस कारण करीब दो माह से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि अस्पताल की ओपीडी में आउटडोर में रोजाना 200 से 250 मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अब आउटडोर में मरीजों को उपचार करवाना मरीजों पर सरकारी अस्पताल में भी महंगा ही साबित हो रहा है। कुल मिलाकर सिविल अस्पताल तीसा में संसाधनों की कमी से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौर रहे कि चुराह उपमंडल की 55 पंचायतों तीसा प्रथम, तीसा द्वितीय, पधर, जुंगरा, खजुआ-बिहाली, नेरा, थल्ली, चिल्ली, सतयोआ, लेसुई, भराड़ा, टिकरीगढ़, देहरोग, भंजराडू, खुशनगरी, बघेईगढ़, चांजू, चरड़ा, देहरा, जसौरगढ़, दियोला, हिमगिरी, आयल, बणतंर, मक्कण, सनवाल, झझाकोठी, कुठेड़-बुदौड़ा, थनेईकोठी, सेईकोठी, डोंरी, गुवाड़ी इत्यादि की पौने दो लाख की आबादी उपचार के लिए तीसा अस्पताल पर ही निर्भर है। बता दें कि जिला चंबा के चुराह उपमंडल में बीपीएल परिवारों और अंत्योदेय परिवारों की तादाद सबसे अधिक है। ऐसे में इन वर्गो के मरीजों को काफी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इन परिवारों के लिए भले ही सरकार की ओर से मुफ्त इलाज करवाने और कई सरकारी योजनाएं तो चलाई गई हैं। लेकिन, धरातल पर हालात ऐसे है कि आर्थिक बोझ के चलते ये सब दबते जा रहे हैं।
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अस्पताल पहुंचे मरीजों के तीमारदारों में हरीश कुमार, लाल चंद, देवी सिंह, जन्म सिंह, लतीफ मोहम्मद, जानकी देवी, कौश्लया देवी, आरती देवी ने बताया कि सिविल अस्पताल तीसा में वर्तमान में आउट डोर में उपचार करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को सिरिंज और ग्लव्ज के लिए दस से लेकर 45 रूपये खर्च कर लाने पड़ रहे हैं। इसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो पाता है। बताया कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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क्या कहना है अधिकारियों का
बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि डिमांड दिसंबर माह में ही भेजी गई है, लेकिन अब तक उसकी आपूर्ति हो पाई है। ऐसे में इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है। बताया कि शीघ्र ही विभाग को रिमाइंडर डिमांड भेजी जाएगी।
इनसेट
चुराह विधायक हंसराज ने बताया कि इससे वर्तमान सरकार की नाकामी को साबित होती है। बताया कि इतनी छोटी-छोटी चीजों के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। जबकि, पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में दवाइयों के साथ अन्य सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवाई जाती थी।
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कांग्रेस प्रत्याशी यशवंत सिंह खन्ना ने बताया कि सीएमओ से इस संबंध में बात की जाएगी। साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस बात बारे जल्द ही विचार-विर्मश करने के बाद समस्या का समाधान करवाया जाएगा।