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Chamba News: पढ़ाने का अंदाज भाया, बच्चा सरकारी स्कूल में दाखिल कराया
Mon, 01 Apr 2024 01:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 01 Apr 2024 01:55 PM IST
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पढ़ाने का अंदाज भाया, बच्चा सरकारी स्कूल में दाखिल कराया
बच्चों को प्राइमरी स्कूल कुठेड़ में दिलाया दाखिला, अभिभावकों ने किराये पर लिया कमरा
वन और शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चे भी कर रहे हैं इस स्कूल में पढ़ाई
तीन साल पहले स्कूल में थे सिर्फ बीस विद्यार्थी, अब 80 तक पहुंच गई विद्यार्थियों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अकसर यही सुना जाता है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए लोग सरकारी की जगह प्राइवेट स्कूलों को तरजीह देते हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए मोटी फीस भी दी जाती है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुठेड़ के शिक्षकों के पढ़ाने की कला ने अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लोग सरकारी स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला करवाने के लिए आगे आने लगे हैं। इसके लिए किराये का कमरा भी रहने के लिए ले रहे हैं। ये अभिभावक निजी स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाने आए थे, लेकिन सरकारी स्कूल में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके के मुरीद हो गए। उन्होंने सरकारी स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला करवा दिया। ये परिवार साधन संपन्न बताए जा रहे हैं।
कुठेड़ स्कूल में छह ऐसे बच्चों का दाखिला हुआ है, जिनके अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई की खातिर किराये पर कमरा लिया है। मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के साथ-साथ इस स्कूल में वन और शिक्षा विभाग के कार्यरत कर्मचारियों के बच्चे भी पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में तैनात अध्यापकों और स्कूल प्रबंधन समिति के प्रयासों से ही ऐसा संभव हो पाया है। इस स्कूल वर्ष 2020-21 में मात्र बीस विद्यार्थी ही पढ़ाई करने के लिए पहुंचते थे। अब विद्यार्थियों का आंकड़ा 80 के पार पहुंच गया है। स्कूल के अध्यापकों की पढ़ाने की कला से प्रभावित होकर अभिभावक अपने बच्चों को इस स्कूल में दाखिला दिला रहे हैं।
उधर, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सोनी देवी ने कहा कि स्कूल में करीब छह ऐसे अभिभावक हैं, जिन्होंने सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए कमरे किराये पर लिए हैं। कहा कि अध्यापकों और क्षेत्र के लोगाें के सहयोग से यह स्कूल तरक्की कर रहा है। यह सराहनीय है।
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बच्चों को प्राइमरी स्कूल कुठेड़ में दिलाया दाखिला, अभिभावकों ने किराये पर लिया कमरा
वन और शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चे भी कर रहे हैं इस स्कूल में पढ़ाई
तीन साल पहले स्कूल में थे सिर्फ बीस विद्यार्थी, अब 80 तक पहुंच गई विद्यार्थियों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अकसर यही सुना जाता है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए लोग सरकारी की जगह प्राइवेट स्कूलों को तरजीह देते हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए मोटी फीस भी दी जाती है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुठेड़ के शिक्षकों के पढ़ाने की कला ने अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लोग सरकारी स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला करवाने के लिए आगे आने लगे हैं। इसके लिए किराये का कमरा भी रहने के लिए ले रहे हैं। ये अभिभावक निजी स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाने आए थे, लेकिन सरकारी स्कूल में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके के मुरीद हो गए। उन्होंने सरकारी स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला करवा दिया। ये परिवार साधन संपन्न बताए जा रहे हैं।
कुठेड़ स्कूल में छह ऐसे बच्चों का दाखिला हुआ है, जिनके अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई की खातिर किराये पर कमरा लिया है। मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के साथ-साथ इस स्कूल में वन और शिक्षा विभाग के कार्यरत कर्मचारियों के बच्चे भी पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में तैनात अध्यापकों और स्कूल प्रबंधन समिति के प्रयासों से ही ऐसा संभव हो पाया है। इस स्कूल वर्ष 2020-21 में मात्र बीस विद्यार्थी ही पढ़ाई करने के लिए पहुंचते थे। अब विद्यार्थियों का आंकड़ा 80 के पार पहुंच गया है। स्कूल के अध्यापकों की पढ़ाने की कला से प्रभावित होकर अभिभावक अपने बच्चों को इस स्कूल में दाखिला दिला रहे हैं।
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उधर, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सोनी देवी ने कहा कि स्कूल में करीब छह ऐसे अभिभावक हैं, जिन्होंने सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए कमरे किराये पर लिए हैं। कहा कि अध्यापकों और क्षेत्र के लोगाें के सहयोग से यह स्कूल तरक्की कर रहा है। यह सराहनीय है।
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