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विकास की बात..........
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For Mankot area, quarter of three crores will be made
चंबा। चंबा विधानसभा क्षेत्र का सबसे दूरस्थ क्षेत्र मानकोट जल्द ही सड़क सुविधा से जुड़ जाएगा है इस क्षेत्र के लिए पौने तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क का काम शुरू किया गया है। सड़क का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। हालांकि बरसात के मौसम में ल्हासे गिरने से निर्माण कार्य में बाधा आई है। विभाग ने अक्तूबर माह में इस सड़क को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उसके बाद यहां के लोगों को सड़क के साथ बस सुविधा भी नसीब हो जाएगी।
पहले मानकोट गांव के लोगों को सड़क सुविधा के लिए पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। लेकिन अब यह गांव सड़क से जुड़ने वाला है। सड़क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मानकोट के साथ एक दर्जन गांव सड़क से जोड़े जाएंगे। सड़क बनने को लेकर लोगों में खुशी की लहर है। गांव के लोगों रोजाना जंगल के रास्ते पैदल आवाजाही करनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें सड़क के साथ वाहन सुविधा भी नसीब होगी। स्कूली बच्चों को आने जाने में जंगली जानवरों का खतरा नहीं सताएगा।
20 लोगों ने विभाग के नाम की है भूमि
सड़क सुविधा से जुड़ने के लिए 20 लोगों ने अपनी निजी भूमि लोक निर्माण विभाग के नाम की है। इसके बाद ही विभाग सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवा पाया। ग्रामीणों ने सड़क सुविधा का लाभ उठाने के लिए विभाग को स्वयं अपनी निजी भूमि दान करने का फैसला लिया। विभाग ने लोगों की इस दरियादिली को देखते हुए पूरी गंभीरता के साथ सड़क का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा। इसके चलते सड़क को बनाने की मंजूरी मिली।
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ये गांव जुड़ेंगे सड़क से
सड़क बनने से गांव लग्गा, चेन्नी, सना, पेटी, सगला, थेटा और माधीकोट गांव सीधे तौर पर सड़क से जुडेंगे, जबकि एक दर्जन से अधिक अन्य गांव भी इस सड़क से लाभान्वित होंगे। कुल मिलाकर 5000 की आबादी सड़क सुविधा से जुड़ेगी।
वन भूमि में आता है सड़क का अधिकतर क्षेत्र
सड़क का तीन किलोमीटर का भाग वन विभाग की भूमि में आता था। इसको लेकर लोनिवि ने फोरेस्ट से एनओसी लेने के लिए आवेदन किया। सदर विधायक ने भी सड़क निर्माण को फोरेस्ट क्लीयरेंस दिलवाने में अहम भूमिका निभाई। तब जाकर सड़क को बनाने की मंजूरी और बजट स्वीकृत हुआ।
-माधीकोट गांव चंबा विस क्षेत्र का सबसे दूरस्थ गांव है। इसे आज तक सड़क से नहीं जोड़ा जा सका। गांव के लोग सड़क बनाने को लेकर कई बार उनके पास आते रहते थे। लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सड़क का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा। सरकार ने प्रस्ताव को मंजूूरी देते हुए पौने तीन करोड़ का बजट स्वीकृत किया। सड़क का निर्माण युद्धस्तर पर चला है। जल्द ही गांव वासियों को सड़क सुविधा नसीब होगी। - जीत सिंह ठाकुर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता
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पहले मानकोट गांव के लोगों को सड़क सुविधा के लिए पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। लेकिन अब यह गांव सड़क से जुड़ने वाला है। सड़क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मानकोट के साथ एक दर्जन गांव सड़क से जोड़े जाएंगे। सड़क बनने को लेकर लोगों में खुशी की लहर है। गांव के लोगों रोजाना जंगल के रास्ते पैदल आवाजाही करनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें सड़क के साथ वाहन सुविधा भी नसीब होगी। स्कूली बच्चों को आने जाने में जंगली जानवरों का खतरा नहीं सताएगा।
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20 लोगों ने विभाग के नाम की है भूमि
सड़क सुविधा से जुड़ने के लिए 20 लोगों ने अपनी निजी भूमि लोक निर्माण विभाग के नाम की है। इसके बाद ही विभाग सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवा पाया। ग्रामीणों ने सड़क सुविधा का लाभ उठाने के लिए विभाग को स्वयं अपनी निजी भूमि दान करने का फैसला लिया। विभाग ने लोगों की इस दरियादिली को देखते हुए पूरी गंभीरता के साथ सड़क का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा। इसके चलते सड़क को बनाने की मंजूरी मिली।
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ये गांव जुड़ेंगे सड़क से
सड़क बनने से गांव लग्गा, चेन्नी, सना, पेटी, सगला, थेटा और माधीकोट गांव सीधे तौर पर सड़क से जुडेंगे, जबकि एक दर्जन से अधिक अन्य गांव भी इस सड़क से लाभान्वित होंगे। कुल मिलाकर 5000 की आबादी सड़क सुविधा से जुड़ेगी।
वन भूमि में आता है सड़क का अधिकतर क्षेत्र
सड़क का तीन किलोमीटर का भाग वन विभाग की भूमि में आता था। इसको लेकर लोनिवि ने फोरेस्ट से एनओसी लेने के लिए आवेदन किया। सदर विधायक ने भी सड़क निर्माण को फोरेस्ट क्लीयरेंस दिलवाने में अहम भूमिका निभाई। तब जाकर सड़क को बनाने की मंजूरी और बजट स्वीकृत हुआ।
-माधीकोट गांव चंबा विस क्षेत्र का सबसे दूरस्थ गांव है। इसे आज तक सड़क से नहीं जोड़ा जा सका। गांव के लोग सड़क बनाने को लेकर कई बार उनके पास आते रहते थे। लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सड़क का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा। सरकार ने प्रस्ताव को मंजूूरी देते हुए पौने तीन करोड़ का बजट स्वीकृत किया। सड़क का निर्माण युद्धस्तर पर चला है। जल्द ही गांव वासियों को सड़क सुविधा नसीब होगी। - जीत सिंह ठाकुर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता