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Chamba News: स्थायी प्रबंध निदेशक और ओपीएस बहाली पर गरजे कर्मी
Mon, 08 Jan 2024 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 08 Jan 2024 10:47 PM IST
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चंबा। विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक पर स्थायी तैनाती और ओपीएस बहाली की मांग को लेकर प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर, पेंशनर्स ने संयुक्त रूप से सोमवार को विद्युत मंडल कार्यालय चंबा में धरना-प्रदर्शन किया।
बोर्ड कर्मचारियों, इंजीनियरों, पेंशनरों ने बताया कि बिजली बोर्ड की इस वित्तीय बदहाली के लिए प्रबंधक वर्ग दोषी है। उन्होंने सरकार से बिजली बोर्ड में तुरंत प्रभाव से एक स्थायी प्रबंध निदेशक की तैनाती करने की मांग उठाई है। राज्य के मुख्य सचिव मुकेश कुमार जट और पूर्व मुख्य सलाहकार अनिल वर्मा ने बताया कि बिजली बोर्ड पिछले 9 माह से अस्थाई प्रबंध निदेशक से चलाया जा रहा है। इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हुई है। कहा कि हरिकेश मीणा को बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। उनके पास पहले से ही दो विभागों का भार है, इसलिए इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार से बिजली बोर्ड में स्थायी प्रबंध निदेशक लगाने की मांग की। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से किए गए सभी संशोधन बोर्ड में भी लागू किए जाएं। कानूनी तौर पर पुरानी पेंशन के बारे में किया गया सरकार का यह संशोधन भी बोर्ड में लागू करना अनिवार्य है। इसमें देरी से लागू करने में तकनीकी दिक्कतें बढ़ेगी। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से बोर्ड को निर्माण के लिए चंबा जिला में दी गई चार छोटी पनविद्युत परियोजनाओं के निर्माण संबंधी बंद किए गए कार्यालयों को शीघ्र शुरू किया जाए।
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बोर्ड कर्मचारियों, इंजीनियरों, पेंशनरों ने बताया कि बिजली बोर्ड की इस वित्तीय बदहाली के लिए प्रबंधक वर्ग दोषी है। उन्होंने सरकार से बिजली बोर्ड में तुरंत प्रभाव से एक स्थायी प्रबंध निदेशक की तैनाती करने की मांग उठाई है। राज्य के मुख्य सचिव मुकेश कुमार जट और पूर्व मुख्य सलाहकार अनिल वर्मा ने बताया कि बिजली बोर्ड पिछले 9 माह से अस्थाई प्रबंध निदेशक से चलाया जा रहा है। इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हुई है। कहा कि हरिकेश मीणा को बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। उनके पास पहले से ही दो विभागों का भार है, इसलिए इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार से बिजली बोर्ड में स्थायी प्रबंध निदेशक लगाने की मांग की। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से किए गए सभी संशोधन बोर्ड में भी लागू किए जाएं। कानूनी तौर पर पुरानी पेंशन के बारे में किया गया सरकार का यह संशोधन भी बोर्ड में लागू करना अनिवार्य है। इसमें देरी से लागू करने में तकनीकी दिक्कतें बढ़ेगी। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से बोर्ड को निर्माण के लिए चंबा जिला में दी गई चार छोटी पनविद्युत परियोजनाओं के निर्माण संबंधी बंद किए गए कार्यालयों को शीघ्र शुरू किया जाए।
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