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Chamba News: हादसे में घायल लोगों की मरहम पट्टी के लिए निजी प्रोजेक्ट से पहुंचीं डॉक्टर
Wed, 11 Sep 2024 10:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 11 Sep 2024 10:11 PM IST
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होली (चंबा)। त्यारी पुल के पास हादसे के बाद खून से लथपथ घायलों की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली में मरहम पट्टी नहीं हो पाई। उनका उपचार करने के लिए निजी कंपनी की चिकित्सक को बुलाना पड़ा।
108 एंबुलेंस के कर्मचारी भी मदद करने में जुटे रहे। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद निजी कंपनी की चिकित्सक को बुलाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। सीएचसी होली के लिए डॉक्टरों के चार पद स्वीकृत हैं। ये सभी पद रिक्त होने का खामियाजा 14 पंचायतों की 28 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
निजी परियोजना प्रबंधन से प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक दिन से दो से तीन घंटे के लिए भेजा जाता है। अभी तक सरकार यहां चिकित्सक की व्यवस्था नहीं कर पाई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही अस्पताल का दरवाजा खोलने और बंद करने का काम करता है। कि प्रशासन, विभाग और बीते दिनों विधानसभा सत्र के दौरान भी सीएचसी होली में चिकित्सकों के पद रिक्त होने का मुद्दा गूंज चुका है, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
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परिचर्चा
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के भले ही सरकार बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन सीएचसी होली में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं उन दावों की पोल खोलकर रख रही हैं। सरकार को ग्रामीणों के जीने या मरने से कोई लेना-देना नहीं है। - महेंद्र कुमार
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली में लंबे अरसे से चिकित्सकों के पद खाली हैं। चिकित्सीय स्टाफ न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को हल्का बुखार या सर्दी-जुकाम होने पर भरमौर या चंबा जाना पड़ता है। - मनोज कुमार
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सीएचसी होली में यदि रात को पूरा चिकित्सीय स्टाफ होता तो शायद हादसे में चोटिल दूसरे शिक्षक को जान से हाथ नहीं धोना पड़ता, लेकिन सरकार और विभाग इस बाबत महज मूक दर्शक बने ही प्रतीत लग रहे हैं। - श्याम कुमार
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होली की 14 पंचायतों की 28 हजार आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। डॉक्टर न होने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं को 40 किमी दूर भरमौर या 75 किमी दूर मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ता है। - विपन कुमार
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तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि सीएचसी में चिकित्सकों के पद रिक्त होना बड़ी चुनौतियां खड़ी कर रहा हैं। हादसे के बाद घायलों को निजी जल विद्युत परियोजना के सहयोग से चिकित्सक को बुलाकर घायलों को प्राथमिक उपचार देकर मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए रेफर किया गया। बताया कि रिक्त पदों को लेकर जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया गया है।
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108 एंबुलेंस के कर्मचारी भी मदद करने में जुटे रहे। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद निजी कंपनी की चिकित्सक को बुलाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। सीएचसी होली के लिए डॉक्टरों के चार पद स्वीकृत हैं। ये सभी पद रिक्त होने का खामियाजा 14 पंचायतों की 28 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
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निजी परियोजना प्रबंधन से प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक दिन से दो से तीन घंटे के लिए भेजा जाता है। अभी तक सरकार यहां चिकित्सक की व्यवस्था नहीं कर पाई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही अस्पताल का दरवाजा खोलने और बंद करने का काम करता है। कि प्रशासन, विभाग और बीते दिनों विधानसभा सत्र के दौरान भी सीएचसी होली में चिकित्सकों के पद रिक्त होने का मुद्दा गूंज चुका है, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के भले ही सरकार बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन सीएचसी होली में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं उन दावों की पोल खोलकर रख रही हैं। सरकार को ग्रामीणों के जीने या मरने से कोई लेना-देना नहीं है। - महेंद्र कुमार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली में लंबे अरसे से चिकित्सकों के पद खाली हैं। चिकित्सीय स्टाफ न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को हल्का बुखार या सर्दी-जुकाम होने पर भरमौर या चंबा जाना पड़ता है। - मनोज कुमार
सीएचसी होली में यदि रात को पूरा चिकित्सीय स्टाफ होता तो शायद हादसे में चोटिल दूसरे शिक्षक को जान से हाथ नहीं धोना पड़ता, लेकिन सरकार और विभाग इस बाबत महज मूक दर्शक बने ही प्रतीत लग रहे हैं। - श्याम कुमार
होली की 14 पंचायतों की 28 हजार आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। डॉक्टर न होने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं को 40 किमी दूर भरमौर या 75 किमी दूर मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ता है। - विपन कुमार
तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि सीएचसी में चिकित्सकों के पद रिक्त होना बड़ी चुनौतियां खड़ी कर रहा हैं। हादसे के बाद घायलों को निजी जल विद्युत परियोजना के सहयोग से चिकित्सक को बुलाकर घायलों को प्राथमिक उपचार देकर मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए रेफर किया गया। बताया कि रिक्त पदों को लेकर जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया गया है।