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Chamba News: हाइड्रो प्रोजेक्ट पर शिकंजा, श्रम विभाग के पास जमा करवाने होंगे 82.54 लाख
Mon, 20 Nov 2023 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 20 Nov 2023 10:31 PM IST
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चंबा। श्रम विभाग ने 82 लाख 54 हजार रुपये जमा नहीं करवाने पर होली में निर्माणाधीन 7 मेगावाट क्षमता के हाइड्रो प्रोजेक्ट पर शिकंजा कस दिया है। कंपनी प्रबंधन ने प्रोजेक्ट निर्माण के कुल खर्च का एक प्रतिशत सेस श्रम विभाग के पास जमा नहीं करवाया है।
जिला श्रम अधिकारी ने मई में प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने के बाद कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। इसमें कंपनी प्रबंधन को सभी दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए 4 अक्तूबर को कार्यालय में तलब किया था, लेकिन कंपनी प्रबंधन से कोई भी पेशी पर नहीं पहुंचा। ऐसे में अब श्रम विभाग ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ असेसमेंट ऑर्डर पारित कर आदेश दिए हैं कि एक प्रतिशत सेस के रूप में बन रही 82 लाख 54 हजार रुपये की राशि 30 दिन के भीतर जमा करवाई जाए। कंपनी प्रबंधन को पेनल्टी के साथ नोटिस जारी कर रिकवरी भी की जा सकती है। बताया जा रहा है जिले में कुछ अन्य प्रोजेक्ट प्रबंधनों ने भी सेस जमा नहीं करवाया है। ये भी अब विभाग की रडार हैं।
जलविद्युत एवं हाइड्रो प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान खर्च होने वाले कुल बजट का एक प्रतिशत हिस्सा परियोजना प्रबंधन को सेस के रूप में श्रम विभाग के पास जमा करवाना अनिवार्य है। होली में निर्माणाधीन 7 मेगावाट के प्रोजेक्ट का निर्माण बंगलूरू की कंपनी वर्ष 2016 से कर रही है। 26 मई 2023 को जिला श्रम अधिकारी ने प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया था। इस दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से सेस जमा नहीं करवाने की बात सामने आई। विभाग ने 12 सितंबर को नोटिस जारी कर कंपनी प्रबंधन को 4 अक्तूबर को कार्यालय में पक्ष रखने के निर्देश दिए। इस समयावधि में कंपनी से कोई नहीं पहुंचा था। अब 15 नवंबर को श्रम विभाग ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ असेसमेंट ऑर्डर पारित कर सेस के रूप में बनी राशि जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। कंपनी प्रबंधन तीन माह में अपील में जा सकता है, लेकिन इससे पहले सेस की राशि एकमुश्त जमा करवाने के बाद उतनी ही राशि जमा करवानी होगी। इसके अलावा कंपनी प्रबंधन पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। कंपनी पर दो प्रतिशत ब्याज भी हर महीने लगता रहेगा।
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श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि नोटिस के बाद भी कंपनी से पेशी पर कोई नहीं पहुंचा। 15 नवंबर को असेसमेंट ऑर्डर जारी कर प्रबंधक के खिलाफ पारित कर सेस के रूप में बन रही 82 लाख 54 हजार की राशि को जमा करवाने को 30 दिन का समय दिया गया है।
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जिला श्रम अधिकारी ने मई में प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने के बाद कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। इसमें कंपनी प्रबंधन को सभी दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए 4 अक्तूबर को कार्यालय में तलब किया था, लेकिन कंपनी प्रबंधन से कोई भी पेशी पर नहीं पहुंचा। ऐसे में अब श्रम विभाग ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ असेसमेंट ऑर्डर पारित कर आदेश दिए हैं कि एक प्रतिशत सेस के रूप में बन रही 82 लाख 54 हजार रुपये की राशि 30 दिन के भीतर जमा करवाई जाए। कंपनी प्रबंधन को पेनल्टी के साथ नोटिस जारी कर रिकवरी भी की जा सकती है। बताया जा रहा है जिले में कुछ अन्य प्रोजेक्ट प्रबंधनों ने भी सेस जमा नहीं करवाया है। ये भी अब विभाग की रडार हैं।
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जलविद्युत एवं हाइड्रो प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान खर्च होने वाले कुल बजट का एक प्रतिशत हिस्सा परियोजना प्रबंधन को सेस के रूप में श्रम विभाग के पास जमा करवाना अनिवार्य है। होली में निर्माणाधीन 7 मेगावाट के प्रोजेक्ट का निर्माण बंगलूरू की कंपनी वर्ष 2016 से कर रही है। 26 मई 2023 को जिला श्रम अधिकारी ने प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया था। इस दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से सेस जमा नहीं करवाने की बात सामने आई। विभाग ने 12 सितंबर को नोटिस जारी कर कंपनी प्रबंधन को 4 अक्तूबर को कार्यालय में पक्ष रखने के निर्देश दिए। इस समयावधि में कंपनी से कोई नहीं पहुंचा था। अब 15 नवंबर को श्रम विभाग ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ असेसमेंट ऑर्डर पारित कर सेस के रूप में बनी राशि जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। कंपनी प्रबंधन तीन माह में अपील में जा सकता है, लेकिन इससे पहले सेस की राशि एकमुश्त जमा करवाने के बाद उतनी ही राशि जमा करवानी होगी। इसके अलावा कंपनी प्रबंधन पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। कंपनी पर दो प्रतिशत ब्याज भी हर महीने लगता रहेगा।
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श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि नोटिस के बाद भी कंपनी से पेशी पर कोई नहीं पहुंचा। 15 नवंबर को असेसमेंट ऑर्डर जारी कर प्रबंधक के खिलाफ पारित कर सेस के रूप में बन रही 82 लाख 54 हजार की राशि को जमा करवाने को 30 दिन का समय दिया गया है।