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Chamba News: पुराने और नए बस स्टैंड की पार्किंग से हाथ खींच रहे ठेकेदार
Tue, 18 Nov 2025 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 18 Nov 2025 10:51 PM IST
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चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) प्रबंधन के लिए नया बस स्टैंड कसाकड़ा और पुराना बस स्टैंड सपड़ी स्थित पार्किंग स्थलों की नीलामी चुनौती बन गई है। तय अवधि समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसी भी बोलीदाता के आगे न आने से नीलामी प्रक्रिया ठप है। ऐसे में फिलहाल दोनों पार्किंगों की व्यवस्था निगम को ही अपने स्तर पर संभालनी पड़ रही है।
सूत्रों के अनुसार बोलीदाताओं की कमी के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। एक पार्किंग की ऊंची आरक्षित दरें और दूसरा पुराने बस स्टैंड के किसी भी समय डिस्मेंटल होने की संभावना, जिससे व्यापारी जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। पिछले वर्षों में कसाकड़ा पार्किंग को क्रमशः 3.17 लाख और 3.35 लाख रुपये में एक-एक वर्ष के लिए नीलाम किया गया था। वहीं, पुराने बस स्टैंड सपड़ी की पार्किंग बीते वर्ष 2.17 लाख रुपये में नीलाम हुई थी। इसके बावजूद दोनों स्थानों पर करीब 100 वाहनों को पार्क करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे ठेकेदारों को घाटा उठाना पड़ता रहा। जिला मुख्यालय में पार्किंग स्थलों की पहले से ही कमी है। ऐसे में दोनों पार्किंगों का नीलाम न हो पाना शहर के लिए चिंता बढ़ाने वाला मुद्दा बन गया है।
दोनों पार्किंग स्थलों की नीलामी नहीं हो सकी है। पुराने बस स्टैंड की पार्किंग की बोली न लगने के पीछे भवन को डिस्मेंटल करने के आदेश आने की संभावना को मुख्य वजह बताया जा रहा है। प्रबंधन की ओर से नीलामी करवाने के प्रयास जारी हैं। शुगल सिंह, डीडीएम, एचआरटीसी चंबा
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सूत्रों के अनुसार बोलीदाताओं की कमी के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। एक पार्किंग की ऊंची आरक्षित दरें और दूसरा पुराने बस स्टैंड के किसी भी समय डिस्मेंटल होने की संभावना, जिससे व्यापारी जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। पिछले वर्षों में कसाकड़ा पार्किंग को क्रमशः 3.17 लाख और 3.35 लाख रुपये में एक-एक वर्ष के लिए नीलाम किया गया था। वहीं, पुराने बस स्टैंड सपड़ी की पार्किंग बीते वर्ष 2.17 लाख रुपये में नीलाम हुई थी। इसके बावजूद दोनों स्थानों पर करीब 100 वाहनों को पार्क करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे ठेकेदारों को घाटा उठाना पड़ता रहा। जिला मुख्यालय में पार्किंग स्थलों की पहले से ही कमी है। ऐसे में दोनों पार्किंगों का नीलाम न हो पाना शहर के लिए चिंता बढ़ाने वाला मुद्दा बन गया है।
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दोनों पार्किंग स्थलों की नीलामी नहीं हो सकी है। पुराने बस स्टैंड की पार्किंग की बोली न लगने के पीछे भवन को डिस्मेंटल करने के आदेश आने की संभावना को मुख्य वजह बताया जा रहा है। प्रबंधन की ओर से नीलामी करवाने के प्रयास जारी हैं। शुगल सिंह, डीडीएम, एचआरटीसी चंबा
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