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Chamba News: शहर के मोहल्ले प्यासे, सड़क पर फव्वारा फूटने से व्यवस्था पानी-पानी
Fri, 23 Oct 2026 10:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 23 Oct 2026 10:58 PM IST
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चंबा के जनसाली-आईटीअई मार्ग पर लीक पेयजल पाईप।संवाद
जनसाली-आईटीआई मार्ग पर डेढ़ माह से रिस रही पेयजल लाइन, हजारों लीटर पानी बर्बाद
मोहल्लों में पानी की किल्लत, सड़क पर बहती धार रोकने में विभाग नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जनसाली-आईटीआई मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच उठती पानी की धार किसी फव्वारे का भ्रम पैदा करती है। फर्क सिर्फ इतना है कि यह नजारा किसी सौंदर्यीकरण का हिस्सा नहीं, बल्कि पेयजल लाइन में रिसाव का नतीजा है।
पिछले डेढ़ माह से मुख्य पेयजल लाइन से लगातार पानी बह रहा है, लेकिन स्थायी मरम्मत अब तक नहीं हो पाई। सड़क पर बर्बाद होते पानी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले मार्ग पर यह समस्या जिम्मेदारों को क्यों नहीं दिख रही।
विडंबना देखिए, बीते दिनों हटनाला समेत शहर के आसपास के कुछ मोहल्लों में लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ा, जबकि यहां हजारों लीटर पानी सड़क पर बहता रहा। इस मार्ग से एमबीबीएस के विद्यार्थी, आईटीआई प्रशिक्षु, स्कूली बच्चे और साहो, कीड़ी, सराहण, सिल्लाघ्राट, जड़ेरा, घघरोता, पल्यूर और बरौर समेत आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग गुजरते हैं। बालू-पक्काटाला मार्ग बंद होने के कारण आईटीआई मार्ग दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी वैकल्पिक रास्ता बना हुआ है। सड़क पर फैला पानी आवाजाही में परेशानी पैदा करने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रहा है। उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता दिनेश भारद्वाज ने बताया कि लीक पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए कर्मचारियों को भेजा गया है। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान करने की बात कही। अब लोगों को इंतजार है कि सड़क पर बहते पानी की धार कब थमेगी और पेयजल की बर्बादी पर रोक लगेगी।
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जुगाड़ से बांधा रिसाव, तीसरे दिन फिर फूटी धार
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब तीन माह पहले विभागीय कर्मचारी ने रबड़ बांधकर रिसाव रोकने का अस्थायी प्रयास किया था, मगर तीसरे दिन ही पानी फिर बौछारों के रूप में बहने लगा। इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। लोगों का आरोप है कि पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए विभाग की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
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तीन माह पूर्व जुगाड़ कर रबड़ से बांध कर्मी ने लीक लाइन की मरम्मत की। तीसरे दिन के बाद पानी की बौछार लगनी शुरू हो गई। विभाग मूक दर्शक बना बैठा है। - सोभिया राम
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इसी रास्ते एमबीबीएस, आईटीआई प्रशिक्षण समेत पंचायतों से रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही है। विभागीय लेबर भी यहीं से मूक दर्शक बन जाती है। - अतुल कुमार
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बालू-पक्काटाला मार्ग बंद होने से आईटीआई मार्ग से होकर दो पहिया वाहन चालक शहर में आने के लिए शॉर्टकट लगाते हैं। सड़क पर बहने वाले पानी से दुर्घटना का अंदेशा है। - मनोज कुमार
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शहर के कई मोहल्लों में पानी के लिए हाहाकार मचा रहता है। तो दूसरी ओर हजारों लीटर व्यर्थ बहना विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है। - राम ठाकुर
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मोहल्लों में पानी की किल्लत, सड़क पर बहती धार रोकने में विभाग नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जनसाली-आईटीआई मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच उठती पानी की धार किसी फव्वारे का भ्रम पैदा करती है। फर्क सिर्फ इतना है कि यह नजारा किसी सौंदर्यीकरण का हिस्सा नहीं, बल्कि पेयजल लाइन में रिसाव का नतीजा है।
पिछले डेढ़ माह से मुख्य पेयजल लाइन से लगातार पानी बह रहा है, लेकिन स्थायी मरम्मत अब तक नहीं हो पाई। सड़क पर बर्बाद होते पानी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले मार्ग पर यह समस्या जिम्मेदारों को क्यों नहीं दिख रही।
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विडंबना देखिए, बीते दिनों हटनाला समेत शहर के आसपास के कुछ मोहल्लों में लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ा, जबकि यहां हजारों लीटर पानी सड़क पर बहता रहा। इस मार्ग से एमबीबीएस के विद्यार्थी, आईटीआई प्रशिक्षु, स्कूली बच्चे और साहो, कीड़ी, सराहण, सिल्लाघ्राट, जड़ेरा, घघरोता, पल्यूर और बरौर समेत आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग गुजरते हैं। बालू-पक्काटाला मार्ग बंद होने के कारण आईटीआई मार्ग दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी वैकल्पिक रास्ता बना हुआ है। सड़क पर फैला पानी आवाजाही में परेशानी पैदा करने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रहा है। उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता दिनेश भारद्वाज ने बताया कि लीक पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए कर्मचारियों को भेजा गया है। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान करने की बात कही। अब लोगों को इंतजार है कि सड़क पर बहते पानी की धार कब थमेगी और पेयजल की बर्बादी पर रोक लगेगी।
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जुगाड़ से बांधा रिसाव, तीसरे दिन फिर फूटी धार
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब तीन माह पहले विभागीय कर्मचारी ने रबड़ बांधकर रिसाव रोकने का अस्थायी प्रयास किया था, मगर तीसरे दिन ही पानी फिर बौछारों के रूप में बहने लगा। इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। लोगों का आरोप है कि पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए विभाग की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
तीन माह पूर्व जुगाड़ कर रबड़ से बांध कर्मी ने लीक लाइन की मरम्मत की। तीसरे दिन के बाद पानी की बौछार लगनी शुरू हो गई। विभाग मूक दर्शक बना बैठा है। - सोभिया राम
इसी रास्ते एमबीबीएस, आईटीआई प्रशिक्षण समेत पंचायतों से रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही है। विभागीय लेबर भी यहीं से मूक दर्शक बन जाती है। - अतुल कुमार
बालू-पक्काटाला मार्ग बंद होने से आईटीआई मार्ग से होकर दो पहिया वाहन चालक शहर में आने के लिए शॉर्टकट लगाते हैं। सड़क पर बहने वाले पानी से दुर्घटना का अंदेशा है। - मनोज कुमार
शहर के कई मोहल्लों में पानी के लिए हाहाकार मचा रहता है। तो दूसरी ओर हजारों लीटर व्यर्थ बहना विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है। - राम ठाकुर