{"_id":"69459042a0c88c36c00b7137","slug":"citu-roars-against-changes-in-labor-codes-and-mnrega-laws-chamba-news-c-88-1-ssml1007-169672-2025-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: श्रम संहिताओं और मनरेगा कानून बदलने के विरोध में गरजी सीटू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: श्रम संहिताओं और मनरेगा कानून बदलने के विरोध में गरजी सीटू
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 20 Dec 2025 06:19 AM IST
विज्ञापन
चम्बा फटाफट
चंबा उपायुक्त कार्यालय गेट के पास में प्रदर्शन के दौरान बैठे सीटू के कार्यकर्ता।संवाद
Link Copied
चंबा। सीटू जिला कमेटी ने उपायुक्त कार्यालय गेट के पास धरना-प्रदर्शन किया। सीटू सचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा मजदूरों के हितों की रक्षा को बनाए 29 श्रम कानूनों को खत्म करके चार श्रम संहिताओं में बदलने और मनरेगा के कानून को बदलने के विरोध में ये प्रदर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए कानून इसलिए समाप्त किए जा रहे हैं ताकि उद्योगपतियों, कंपनियों, ठेकेदारों को लूटने और मजदूरों का शोषण करने की आजादी मिल सके। देश और दुनिया भर के मजदूरों ने लंबी लड़ाई के बल पर आठ घंटे काम करने का अधिकार हासिल किया था, जिसे मोदी सरकार ने श्रम संहिताओं में बदल दिया है। स्थायी रोजगार का स्वरूप ही बदल दिया गया है। उसके स्थान पर निश्चित अवधि के लिए और थोड़े समय के लिए रोजगार दिए जाने का प्रावधान इन संहिताओं में कर दिया है। महिलाओं से रात को भी काम लेने का कानून बनाया गया है। इससे पहले और आज भी पूरी दुनिया में महिलाओं से आवश्यक सेवाओं के अलावा रात को कहीं भी काम नहीं लिया जाता है। इसी तरह से मजदूरों के संगठित होने और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने के अधिकार को भी कमजोर किया गया है। अगर मजदूर हड़ताल पर जाते हैं तो उन्हें जुर्माने और जेल भेजने जैसी सजाओं की व्यवस्था इन नई श्रम संहिताओं में कर दी गई है। सीटू मनरेगा के कानून को खत्म करके नई योजना में बदलने के मोदी सरकार के फैसले का कड़ा विरोध करती है। मनरेगा कानून देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं, के लिए जीने का सहारा है, उसे भी मोदी सरकार ने अब छीन लिया है। एसी टू डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया। जिसमें लेबर कोड को रद्द करने, आंगनबाड़ी वर्कर को ग्रेच्युटी, आंगनबाड़ी वर्कर्स व मिड-डे मील वर्कर्स को वर्कर्स का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 26,000 देने, स्ट्रीट वेंडर एक्ट को लागू करने, ठेका वर्कर्स को रेगुलर करने की मांग उठाई गई है। इस मौके पर को सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र, उपाध्यक्ष विपिन शर्मा, सरोज,अंजू, संजय, लोकी, अयूब ने संबोधित किया। इस दौरान सैकड़ों मजदूरों ने इसमें भागीदारी सुनिश्चित की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।