फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Chamba forests will again become a source of income after 20 years

Chamba News: 20 साल बाद फिर कमाई का जरिया बनेंगे चंबा के जंगल

Sat, 10 Feb 2024 10:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sat, 10 Feb 2024 10:14 PM IST
विज्ञापन
Chamba forests will again become a source of income after 20 years
चंबा। जिला चंबा के जंगलों से निकलने वाले बिरोजा से पेंट और थिनर तैयार होगा। बीस साल बाद एक बार फिर वन मंडल चंबा परिक्षेत्र के तहत के जंगल कमाई का जरिया बनेंगे।
विज्ञापन

हरिपुर और बन्नू पहाड़ में चीड़ के पेड़ों से बिरोजा निकाला जाएगा। वन विभाग ने यह काम करवाने का जिम्मा वन कॉरपोरेशन को सौंपा है। कॉरपोरेशन की ओर से निविदाएं आमंत्रित करवाकर ठेकेदारों को कार्य आवंटित कर दिया जाएगा। जिला चंबा में अधिकांश भू-भाग पर चीड़ के पेड़ों के जंगल हैं। इनकी लकड़ी का इस्तेमाल घर के निर्माण में उपयोग में लाया जाता है। इससे निकलने वाला बिरोजा भी आय का साधन है। वन मंडल चंबा में 20 वर्षों से चीड़ के पेड़ों से से बिरोजा नहीं निकाला जा रहा है। वन विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा था। इसे मंजूरी मिल गई है।
विज्ञापन

स्वीकृति मिलने के बाद वन विभाग की ओर से वन कॉरपोरेशन के जरिये हरिपुर और बन्नू पहाड़ के जंगलों से बिरोजा निकालने के लिए लॉट अलॉट करने का निर्णय लिया गया है। बहरहाल, अब कारपोरेशन की ओर से संबंधित क्षेत्रों के जंगलों से बिरोजा निकालने को लेकर लोट वितरित किए जाएंगें।
विज्ञापन
विज्ञापन




--पेड़ के तने में चीरा लगाकर निकाला जाता है बिरोजा


तारपीन का तेल और बिरोजा चीड़ के पेड़ों से निकाला जाता है। चीड़ के तने में चीरा लगाकर उससे रस निकाला जाता है। छिद्र में नलकी (स्पाउट) लगाई जाती है। नलकी में नीचे एक विशेष पॉलीथिन लिफाफा बांधा जाता है, जिसमें बिरोजा एकत्रित होता है। उस रस को एकत्रित कर प्लांट में ले जाया जाता है। प्लांट मेंं उस रस को विशेष तापमान पर भभके (रिटॉर्ट) में गर्म कर उसमें तारपीन का तेल और बिरोजा अलग किया जाता है। इसे राल या रोजीन भी कहते हैं। बिरोजा से रेजिन और तारपीन का तेल निकलता है। साफ बिरोजा से अच्छी गुणवत्ता का तारपीन मिलेगा, जो बाजारों में बेहतर दामों पर बिकेगा। जानकारी के अनुसार प्रदेश के जंगलों से प्रतिवर्ष नौ हजार मीट्रिक टन बिरोजा निकलता है। वर्तमान में रील (झीरी) तकनीक से प्रदेश में बिरोजा निकाला जा रहा है।


--डीएफओ चंबा कृतज्ञ शर्मा ने बताया कि 20 सालों बाद चंबा मंडल के तहत आते हरिपुर और बन्नू पहाड़ के जंगलों में त चीड़ के पेड़ों से बिरोजा निकालने का क्रम शुरू होगा। यह कार्य कॉरपोरेशन की ओर से करवाया जाएगा।

--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed