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Chamba News: अगले साल मिलने का वादा कर नम आंखों से दी माता को विदाई
Sat, 13 Apr 2024 09:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 13 Apr 2024 09:41 PM IST
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जिलास्तरीय सूही मेले के उपलक्ष पर पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करती गददी समुदाय की महिलांए। स्त्
चंबा। तीन दिवसीय जिलास्तरीय ऐतिहासिक सूही मेले का शनिवार को रानी सुनयना के चिह्न के पिंक पैलेस में वापसी के साथ समापन हो गया।
शनिवार देर शाम को माता के चिह्न को सूही मढ़ से शोभायात्रा के माध्यम से वापस पिंक पैलेस लाया गया। इस दौरान सूही माता के दर्शनों के लिए हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने माता के चिह्न के समक्ष नतमस्तक होकर नम आंखों से अगले वर्ष मिलने का वायदा कर विदाई दी। गद्दी समुदाय की महिलाओं ने सुकरात का गायन कर लोगों को रानी सुनयना के बलिदान की याद दिलाई। चौंतड़ा मोहल्ला में हर वर्ष की तर्ज पर पारंपरिक बसोआ गायन किया गया। मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर कानून और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस का कड़ा पहरा रहा। शनिवार को सूही मढ़ स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी। लोगों ने माता के चिह्न के आगे नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगी। शनिवार को मेले में पहले दो दिन की अपेक्षा काफी भीड़ देखने को मिली। शाम के समय लोगों ने चौंतड़ा मोहल्ले में बसोआ सहित अन्य पारंपरिक गीतों को सुनने के अलावा राजनौण पर सजे अस्थायी बाजार में जमकर खरीदारी और लजीज व्यंजन खाने का लुत्फ उठाया। बहरहाल, शनिवार को चंबा के लोगों ने सूही माता के दरबार में हाजिरी भरकर चंबा की प्यास बुझाने को लेकर दिए बलिदान को याद कर नम आंखों से विदाई दी।
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शनिवार देर शाम को माता के चिह्न को सूही मढ़ से शोभायात्रा के माध्यम से वापस पिंक पैलेस लाया गया। इस दौरान सूही माता के दर्शनों के लिए हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने माता के चिह्न के समक्ष नतमस्तक होकर नम आंखों से अगले वर्ष मिलने का वायदा कर विदाई दी। गद्दी समुदाय की महिलाओं ने सुकरात का गायन कर लोगों को रानी सुनयना के बलिदान की याद दिलाई। चौंतड़ा मोहल्ला में हर वर्ष की तर्ज पर पारंपरिक बसोआ गायन किया गया। मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर कानून और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस का कड़ा पहरा रहा। शनिवार को सूही मढ़ स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी। लोगों ने माता के चिह्न के आगे नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगी। शनिवार को मेले में पहले दो दिन की अपेक्षा काफी भीड़ देखने को मिली। शाम के समय लोगों ने चौंतड़ा मोहल्ले में बसोआ सहित अन्य पारंपरिक गीतों को सुनने के अलावा राजनौण पर सजे अस्थायी बाजार में जमकर खरीदारी और लजीज व्यंजन खाने का लुत्फ उठाया। बहरहाल, शनिवार को चंबा के लोगों ने सूही माता के दरबार में हाजिरी भरकर चंबा की प्यास बुझाने को लेकर दिए बलिदान को याद कर नम आंखों से विदाई दी।