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Chamba News: विवाह-मुंडन सहित मांगलिक कार्यों पर 25 दिन का विराम
Mon, 20 Jul 2026 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 20 Jul 2026 10:57 PM IST
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चंबा। 15 जुलाई को शाम 7 बजे से गुरु अस्त होने के कारण विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर 25 दिन के लिए विराम लग गया है।
ज्योतिषाचार्य मंजीत शर्मा के अनुसार गुरु के अस्त रहने की अवधि में सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। ऐसे में अब गुरु के उदय होने के बाद ही विवाह सहित अन्य शुभ कार्यों के मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु ग्रह को शुभ कार्यों का कारक माना जाता है।
गुरु के अस्त होने पर विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ और अन्य मांगलिक संस्कार नहीं किए जाते। हालांकि, नियमित पूजा-पाठ, व्रत और दैनिक धार्मिक अनुष्ठान पहले की तरह जारी रहेंगे।
गुरु अस्त की अवधि के चलते जिले में विवाह समारोह और अन्य मांगलिक आयोजनों पर भी असर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही पूजा-पाठ में उपयोग होने वाली सामग्री, फूल-माला, पूजन सामग्री, मिठाई, टेंट, बैंड-बाजा, कैटरिंग और सजावट से जुड़े कारोबारियों के व्यापार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
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मांगलिक आयोजनों में कमी आने से इन व्यवसायों की मांग घटने की संभावना है। दुकानदारों में नवल कुमार, चेतन कुमार, प्रवेश शर्मा सहित अन्य दुकानदारों ने कहा कि काम में थोड़ी धीमी रफ्तार आई है। अस्त खत्म होने के बाद सामान्य हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य की मानें तो गुरु के उदय होने के बाद ही शुभ कार्यों के लिए नए मुहूर्त उपलब्ध होंगे।
ऐसे में जिन परिवारों ने विवाह या अन्य मांगलिक कार्यक्रम की योजना बनाई है, उन्हें गुरु उदय के बाद की तिथियों के अनुसार कार्यक्रम तय करना होगा। संवाद
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ज्योतिषाचार्य मंजीत शर्मा के अनुसार गुरु के अस्त रहने की अवधि में सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। ऐसे में अब गुरु के उदय होने के बाद ही विवाह सहित अन्य शुभ कार्यों के मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु ग्रह को शुभ कार्यों का कारक माना जाता है।
गुरु के अस्त होने पर विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ और अन्य मांगलिक संस्कार नहीं किए जाते। हालांकि, नियमित पूजा-पाठ, व्रत और दैनिक धार्मिक अनुष्ठान पहले की तरह जारी रहेंगे।
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गुरु अस्त की अवधि के चलते जिले में विवाह समारोह और अन्य मांगलिक आयोजनों पर भी असर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही पूजा-पाठ में उपयोग होने वाली सामग्री, फूल-माला, पूजन सामग्री, मिठाई, टेंट, बैंड-बाजा, कैटरिंग और सजावट से जुड़े कारोबारियों के व्यापार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
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मांगलिक आयोजनों में कमी आने से इन व्यवसायों की मांग घटने की संभावना है। दुकानदारों में नवल कुमार, चेतन कुमार, प्रवेश शर्मा सहित अन्य दुकानदारों ने कहा कि काम में थोड़ी धीमी रफ्तार आई है। अस्त खत्म होने के बाद सामान्य हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य की मानें तो गुरु के उदय होने के बाद ही शुभ कार्यों के लिए नए मुहूर्त उपलब्ध होंगे।
ऐसे में जिन परिवारों ने विवाह या अन्य मांगलिक कार्यक्रम की योजना बनाई है, उन्हें गुरु उदय के बाद की तिथियों के अनुसार कार्यक्रम तय करना होगा। संवाद