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मणिमहेश यात्रा के दौरान अव्यवस्थाओं की दिखी भरमार
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भरमौर(चंबा)। मणिमहेश यात्रा 2017 में अव्यवस्थाओं की ही भरमार देखने को मिली। यात्रा के दौरान मृत्यु की आगोश में समाने वाले लोगों के शवों को उठाने के लिए समय पर कोई भी नहीं मिले। जिस कारण दूसरे दिन शाम तक गृहरक्षकों और रेस्क्यू करने वाली टीम सदस्यों को शव ढोने पड़े। वहीं, दूसरी और विभिन्न पड़ावों पर जगह-जगह गंदगी के ही ढेर दिखने को मिल रहे हैं। चौपर सेवा में टिकटों के अधिक पैसे लेने संबंधी मामले भी प्रशासन के पास पहुंचे। कुल मिला कर इस वर्ष की मणिमहेश यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं से अव्यवस्था अधिक देखने को मिली।
पवित्र मणिमहेश यात्रा आरंभ होने से पूर्व प्रशासन ने साफ किया था कि यात्रा के दौरान इस बार रेस्क्यू टीम के सदस्य शवों को नहीं उठाएंगे। रेस्क्यू टीमें मात्र आपातकाल स्थिति से निपटने व यात्रियों के बीमार होने पर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाएंगी। बावजूद इसके यात्रा के दौरान इसके उलट ही हुआ। यात्रा पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं का सामान की चोरी हुआ। बुधवार रात चौरासी स्थित मणिमहेश मंदिर में दिल्ली से आए दंपति व उनके दो रिश्तेदारों के जूते चोरी हो गए। इससे पूर्व सुंदरासी में एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी हो गया था। कुछ वर्ष पूर्व पवित्र डल के पास बाहरी राज्यों के पांच युवकों को चोरी करते हुए पकड़ा भी गया था। प्रशासन ने यात्रा से पूर्व सीसीटीवी कैमरे लगवाना उचित नहीं समझा। यात्रा के दौरान यदि प्रशासन सीसीटीवी कैमरे लगवाने संबंधी पग बढ़ाता तो इस प्रकार की चोरी की वारदातों को रोका जा सकता था। यात्रा प्रबंधों से नाखुश क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने शुक्रवार को लोनिवि के विश्रामगृह में बैठक करने का निर्णय लिया है। बैठक में यात्रा के दौरान रहने वाली कमियों और अव्यवस्था संबंधी लिखित रिपोर्ट देश के प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपायुक्त चंबा को भेजेंगे। इस रिपोर्ट में विभिन्न खामियों क्रमवार ब्योरा होगा।
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भरमौर(चंबा)। मणिमहेश यात्रा 2017 में अव्यवस्थाओं की ही भरमार देखने को मिली। यात्रा के दौरान मृत्यु की आगोश में समाने वाले लोगों के शवों को उठाने के लिए समय पर कोई भी नहीं मिले। जिस कारण दूसरे दिन शाम तक गृहरक्षकों और रेस्क्यू करने वाली टीम सदस्यों को शव ढोने पड़े। वहीं, दूसरी और विभिन्न पड़ावों पर जगह-जगह गंदगी के ही ढेर दिखने को मिल रहे हैं। चौपर सेवा में टिकटों के अधिक पैसे लेने संबंधी मामले भी प्रशासन के पास पहुंचे। कुल मिला कर इस वर्ष की मणिमहेश यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं से अव्यवस्था अधिक देखने को मिली।
पवित्र मणिमहेश यात्रा आरंभ होने से पूर्व प्रशासन ने साफ किया था कि यात्रा के दौरान इस बार रेस्क्यू टीम के सदस्य शवों को नहीं उठाएंगे। रेस्क्यू टीमें मात्र आपातकाल स्थिति से निपटने व यात्रियों के बीमार होने पर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाएंगी। बावजूद इसके यात्रा के दौरान इसके उलट ही हुआ। यात्रा पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं का सामान की चोरी हुआ। बुधवार रात चौरासी स्थित मणिमहेश मंदिर में दिल्ली से आए दंपति व उनके दो रिश्तेदारों के जूते चोरी हो गए। इससे पूर्व सुंदरासी में एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी हो गया था। कुछ वर्ष पूर्व पवित्र डल के पास बाहरी राज्यों के पांच युवकों को चोरी करते हुए पकड़ा भी गया था। प्रशासन ने यात्रा से पूर्व सीसीटीवी कैमरे लगवाना उचित नहीं समझा। यात्रा के दौरान यदि प्रशासन सीसीटीवी कैमरे लगवाने संबंधी पग बढ़ाता तो इस प्रकार की चोरी की वारदातों को रोका जा सकता था। यात्रा प्रबंधों से नाखुश क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने शुक्रवार को लोनिवि के विश्रामगृह में बैठक करने का निर्णय लिया है। बैठक में यात्रा के दौरान रहने वाली कमियों और अव्यवस्था संबंधी लिखित रिपोर्ट देश के प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपायुक्त चंबा को भेजेंगे। इस रिपोर्ट में विभिन्न खामियों क्रमवार ब्योरा होगा।
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