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नहीं मिली बिजली, आईसीयू-ओटी में मशीनें फांक रही धूल
Updated Wed, 13 Dec 2017 10:06 PM IST
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ICU
- फोटो : amarujala
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प्रवीण कुमार
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से बनने वाले सौ बिस्तरों के नए भवन में बिजली व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इस वजह से जिला भर से यहां उपचार के लिए आने वाले मरीज आधुनिक उपचार की सुविधाओं से महरूम है। हैरानी इस बात की है कि भवन का उद्घाटन करीब डेढ़ वर्ष पहले हो चुका है और सुविधाओं के अभाव में दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। भवन में बने वार्ड में सौ बिस्तरों की व्यवस्था कर दी गई है। मगर बिजली की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण इन बिस्तरों में मरीजों को शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। इस वजह से पुराने 230 बिस्तरों वाले भवन में ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक रहने से यहां एक बैड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जाता है। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन और सरकार नए भवन में बिजली कनेक्शन लगाने के लिए गंभीर नहीं है। यह हालात उस समय है जब अस्पताल के नए भवन का मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और एमसीआई सहित स्वास्थ्य सचिव कई बार निरीक्षण कर चुके हैं। बावजूद इसके भवन में आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं दिया गया है।
नए भवन में हैं मार्डन आईसीयू
चंबा मेडिकल कॉलेज के इस भवन में वार्ड के साथ ही मार्डन आईसीयू भी बना है। मगर बिजली व्यवस्था न होने के कारण इसका इस्तेमाल भी नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही भवन में दो ऑपरेशन थियेटर भी है, जो अभी भी क्रियान्वित नहीं किए गए हैं।
इसके साथ ही भवन में एमबीबीएस छात्रों के लिए लैबोरेटरी की सुविधा भी प्रदान की गई है। मगर बिजली का ट्रांसफार्मर न होने के कारण इसे भी अभी तक शुरू नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि वार्ड में लगे सौ बिस्तरों सहित अति आधुनिक मशीनें यहां करीब डेढ़ साल से धूल फांक रही है। प्रबंधन को मेडिकल कॉलेज की शर्त को पूरा करने के यहां पर 500 बैड की सुविधा मुहैया करवानी है। मगर प्रबंधन की लेटलतीफी के कारण अभी यहां पर 330 बैडों को भी सुचारू रुप से संचालित नहीं किया जा रहा है। इस वजह से इसका खामियाजा जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को झेलना पड़ता है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन और बिजली बोर्ड के अधिकारियों का अपना-अपना तर्क है। मगर हजारों मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए यहां बिजली व्यवस्थ को दुरुस्त करने की जरूरत है।
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कोट्स
बोर्ड के खाते में जमा करवा दिए हैं 13 लाख रूपये: डॉ. विनोद शर्मा
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि बिजली मीटर लगवाने के लिए बोर्ड के खाते में 13 लाख रुपये जमा करवा दिए गए हैं। कुछ दिनों में बिजली मीटर और ट्रांसफार्मर लग जाएगा। इसके बाद बिजली कनेक्शन की समस्या ही खत्म हो जाएगी।
इनसेट
एक लाख जमा करवाने पर लगेगा बिजली मीटर : हरिंद्र सिंह
बोर्ड के सहायक अभियंता हरिंद्र सिंह ने बताया कि नए भवन में अस्थाई तौर पर बिजली कनेक्शन दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन को एक लाख रुपये जमा करवाने के लिए कहा गया है। इसके जमा होने के बाद ही बिजली मीटर लगाया जाएगा।
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से बनने वाले सौ बिस्तरों के नए भवन में बिजली व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इस वजह से जिला भर से यहां उपचार के लिए आने वाले मरीज आधुनिक उपचार की सुविधाओं से महरूम है। हैरानी इस बात की है कि भवन का उद्घाटन करीब डेढ़ वर्ष पहले हो चुका है और सुविधाओं के अभाव में दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। भवन में बने वार्ड में सौ बिस्तरों की व्यवस्था कर दी गई है। मगर बिजली की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण इन बिस्तरों में मरीजों को शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। इस वजह से पुराने 230 बिस्तरों वाले भवन में ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक रहने से यहां एक बैड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जाता है। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन और सरकार नए भवन में बिजली कनेक्शन लगाने के लिए गंभीर नहीं है। यह हालात उस समय है जब अस्पताल के नए भवन का मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और एमसीआई सहित स्वास्थ्य सचिव कई बार निरीक्षण कर चुके हैं। बावजूद इसके भवन में आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं दिया गया है।
नए भवन में हैं मार्डन आईसीयू
चंबा मेडिकल कॉलेज के इस भवन में वार्ड के साथ ही मार्डन आईसीयू भी बना है। मगर बिजली व्यवस्था न होने के कारण इसका इस्तेमाल भी नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही भवन में दो ऑपरेशन थियेटर भी है, जो अभी भी क्रियान्वित नहीं किए गए हैं।
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इसके साथ ही भवन में एमबीबीएस छात्रों के लिए लैबोरेटरी की सुविधा भी प्रदान की गई है। मगर बिजली का ट्रांसफार्मर न होने के कारण इसे भी अभी तक शुरू नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि वार्ड में लगे सौ बिस्तरों सहित अति आधुनिक मशीनें यहां करीब डेढ़ साल से धूल फांक रही है। प्रबंधन को मेडिकल कॉलेज की शर्त को पूरा करने के यहां पर 500 बैड की सुविधा मुहैया करवानी है। मगर प्रबंधन की लेटलतीफी के कारण अभी यहां पर 330 बैडों को भी सुचारू रुप से संचालित नहीं किया जा रहा है। इस वजह से इसका खामियाजा जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को झेलना पड़ता है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन और बिजली बोर्ड के अधिकारियों का अपना-अपना तर्क है। मगर हजारों मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए यहां बिजली व्यवस्थ को दुरुस्त करने की जरूरत है।
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बोर्ड के खाते में जमा करवा दिए हैं 13 लाख रूपये: डॉ. विनोद शर्मा
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि बिजली मीटर लगवाने के लिए बोर्ड के खाते में 13 लाख रुपये जमा करवा दिए गए हैं। कुछ दिनों में बिजली मीटर और ट्रांसफार्मर लग जाएगा। इसके बाद बिजली कनेक्शन की समस्या ही खत्म हो जाएगी।
इनसेट
एक लाख जमा करवाने पर लगेगा बिजली मीटर : हरिंद्र सिंह
बोर्ड के सहायक अभियंता हरिंद्र सिंह ने बताया कि नए भवन में अस्थाई तौर पर बिजली कनेक्शन दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन को एक लाख रुपये जमा करवाने के लिए कहा गया है। इसके जमा होने के बाद ही बिजली मीटर लगाया जाएगा।