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मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से 80 फसदी मटर की सफल तबाह
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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किहार (चंबा)। किहार सेक्टर के अधीन आने वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि से मटर की 80 प्रतिशत फसल तबाह हो गई है। रविवार की सुबह जब किसान खेतों से तैयार हो चुकी मटर की फसल को निकालने के लिए पहुंचें तो उनके पांव तले जमीन खिसक गई। शनिवार देर रात होने वाली बारिश और ओलावृष्टि के चलते मटर की फसल नष्ट हो चुकी थी। किसानों के मुताबिक दिवाली तक मंडियों में उन्हें मटर के 85 से 90 रुपये प्रति किलो आसानी से मिल रहे थे। मगर मौसम की मार ने उनकी मेहनत पर पानी फेरकर रख दिया है।
वीरवार देर रात होने वाली मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से ग्राम पंचायत किलोड़ के तलाई, जखराल, किलोड़, किहार पंचायत में जंगलौग, पुखरोग, डांड, अरियास, हमेला, लौहा और घंनेतरा में मटर की फसल नष्ट हो गई है। मटर की फसल के तबाह होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। किसानों को अब इस बात की चिंता सता रही है कि मटर बीज के लिए उनकी खर्च की गई राशि भी वह वसूल पाएंगे या नहीं।
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किसान उत्तम चंद, प्रकाश चंद, देसराज, चमारू राम, दयाराम, किशन दयाल, रहमतदीन, भुट्टो, मोहम्मद सरीफ, योगराज, नरेश कुमार, किरपा राम, प्रहलाद कुमार, उमेश कुमार, प्रताप चंद, हुसैन मोहम्मद, भुट्टो खान और शरीफ मोहम्मद ने बताया कि वीरवार रात को मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के चलते उनके खेतों में लगी मटर की फसल नष्ट हो गई है। किसानों ने कृषि विभाग से उन्हें हर संभव सहायता राशि प्रदान करने की मांग उठाई है।
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