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Chamba News: जिले में 12-32-16 खाद के लिए भटक रहे किसान
Thu, 18 May 2023 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 18 May 2023 10:20 PM IST
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ऊंचाई वाले इलाकों में मक्की बिजाई का कार्य शुरू
बारिश के चलते एक माह देरी से की जा रही बिजाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में 12-32-16 खाद का संकट चल रहा है। मक्की की बिजाई के दौरान उपयुक्त मानी जाने वाली 12-32-16 खाद किसानों को हिमफेड के स्टोरों से नहीं मिल रही है। ऐसे में रोजाना सैकड़ों किसानों को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है। वहीं, हिमफेड के अधिकारियों की मानें तो 1,600 बोरियों की डिमांड आलाधिकारियों को भेजी गई है। बहरहाल शीघ्र खाद की सप्लाई जिले के स्टोरों में पहुंचने की उम्मीद है। खाद के अभाव में अब किसान चाह कर भी मक्की की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते जिले के ऊपरी क्षेत्रों भरमौर, तीसा, सलूणी, जोत, माणी, सिढकुंड, साहो, सलूणी, होली, सिल्लाघ्राट, अठलुई, भाला, सराहण आदि जगहों पर मक्की की बिजाई करने में किसानों को पहले ही देरी हो चुकी है। इंद्र देवता की नजरें इनायत न होने से किसानों को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में अब मौसम के करवट बदलते ही किसान अपने खेतों में तो उतर चुके हैं लेकिन किसान चाह कर भी मक्की की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
किसानों हरिया राम, प्रमोद कुमार, नरेश कुमार, मनोज कुमार, राजेंद्र ठाकुर, राकेश कुमार आदि ने बताया कि हिमफेड के चंबा जिले में स्थित परेल, कुरांह, सलूणी और तीसा स्थित स्टोरों में एक भी बोरी खाद नहीं है। इससे अब उन्हें मक्की की बिजाई करने में परेशानी हो रही है। हिमफेड के जिला प्रबंधक राजकुमार ने गोदामों में खाद न मिलने की बात स्वीकार की है। बताया कि 31 अप्रैल के बाद 12-32-16 खाद नहीं पहुंची है। एक मई को बाकायदा परेल स्टोर से 800 बोरी, कुरांह से 200, सलूणी से 300 और तीसा से 300 बोरी खाद की डिमांड उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। बताया कि शीघ्र खाद गोदामों में पहुंच जाएगी। खाद पहुंचते ही इसे किसानों में बांटने का क्रम आरंभ हो जाएगा।
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बारिश के चलते एक माह देरी से की जा रही बिजाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में 12-32-16 खाद का संकट चल रहा है। मक्की की बिजाई के दौरान उपयुक्त मानी जाने वाली 12-32-16 खाद किसानों को हिमफेड के स्टोरों से नहीं मिल रही है। ऐसे में रोजाना सैकड़ों किसानों को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है। वहीं, हिमफेड के अधिकारियों की मानें तो 1,600 बोरियों की डिमांड आलाधिकारियों को भेजी गई है। बहरहाल शीघ्र खाद की सप्लाई जिले के स्टोरों में पहुंचने की उम्मीद है। खाद के अभाव में अब किसान चाह कर भी मक्की की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते जिले के ऊपरी क्षेत्रों भरमौर, तीसा, सलूणी, जोत, माणी, सिढकुंड, साहो, सलूणी, होली, सिल्लाघ्राट, अठलुई, भाला, सराहण आदि जगहों पर मक्की की बिजाई करने में किसानों को पहले ही देरी हो चुकी है। इंद्र देवता की नजरें इनायत न होने से किसानों को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में अब मौसम के करवट बदलते ही किसान अपने खेतों में तो उतर चुके हैं लेकिन किसान चाह कर भी मक्की की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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किसानों हरिया राम, प्रमोद कुमार, नरेश कुमार, मनोज कुमार, राजेंद्र ठाकुर, राकेश कुमार आदि ने बताया कि हिमफेड के चंबा जिले में स्थित परेल, कुरांह, सलूणी और तीसा स्थित स्टोरों में एक भी बोरी खाद नहीं है। इससे अब उन्हें मक्की की बिजाई करने में परेशानी हो रही है। हिमफेड के जिला प्रबंधक राजकुमार ने गोदामों में खाद न मिलने की बात स्वीकार की है। बताया कि 31 अप्रैल के बाद 12-32-16 खाद नहीं पहुंची है। एक मई को बाकायदा परेल स्टोर से 800 बोरी, कुरांह से 200, सलूणी से 300 और तीसा से 300 बोरी खाद की डिमांड उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। बताया कि शीघ्र खाद गोदामों में पहुंच जाएगी। खाद पहुंचते ही इसे किसानों में बांटने का क्रम आरंभ हो जाएगा।
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