फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   CCTV cameras installed in all police stations of Himachal Pradesh

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सभी पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे, जानें क्या है पूरा मामला

Sun, 15 Dec 2024 02:58 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 15 Dec 2024 02:58 PM IST
सार

हिमाचल हाईकोर्ट में डीजीपी की ओर से दायर हलफनामे में कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
 

विज्ञापन
CCTV cameras installed in all police stations of Himachal Pradesh
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए डीजीपी की ओर से दायर हलफनामे में कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। अदालत में दायर हलफनामे में कहा गया है कि प्रदेश में जिला स्तरीय निरीक्षण समिति (डीएलओसी) और राज्य स्तरीय निरीक्षण सीमित (एसएलओसी) का गठन किया गया है। जो पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन और रखरखाव का कार्य करेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट परमवीर सिंह बनाम बलजीत सिंह में दिए गए निर्देशों का पालन किया जाए। जिसमें जिला स्तरीय निरीक्षण सीमित यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पुलिस थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनका रखरखाव किया जाए।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी थानों के प्रवेश और निकास बिंदु ,पुलिस स्टेशन का मुख्य द्वार, सभी लॉकअप, लॉबी, सभी बरामदे, सब इंस्पेक्टर का कमरा, लॉकअप रूम के बाहर का क्षेत्र, पुलिस स्टेशन के परिसर के सामने, शौचालय और पुलिस स्टेशन का पिछला हिस्से को कैमरे से कवर करना होगा। इसके साथ ही जिला स्तरीय निरीक्षण समिति को सीसीटीवी और उसके उपकरणों का पर्यवेक्षण, रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। सीसीटीवी की मरम्मत इसके उपकरणों की कार्य प्रणाली के बारे में एसएलओसी को मासिक रिपोर्ट भेजना और विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी से संग्रहित फुटेज की समीक्षा करना ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई मानवाधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है,जो हुआ हो और जिसकी रिपोर्ट नहीं की गई हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने कहा है कि एसएलओसी का पहला कार्य सीसीटीवी और उसके उपकरणों की खरीद, वितरण और स्थापना करना होगा। दूसरा इसके लिए बजट का प्रावधान करना। तीसरा कैमरे और उसके उपकरणों की निरंतर निगरानी और मरम्मत। चौथा, जो कैमरे बंद पड़े है उनका निरीक्षण समय पर करना और जिन के उपकरण खराब पड़े हैं, उसे ठीक करना होगा। पांचवां डीएलओसी की ओर से भेजी गई मासिक रिपोर्ट में शिकायतों का समाधान करना। छठा डीएलओसी से मासिक रिपोर्ट मंगाएं और खराब पड़े उपकरणों का निपटारा अतिशीघ्र करें। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश मनीकटाला के प्रयासों की भी सरहाना की है, जिन्होंने इतने महत्वपूर्ण समस्या को अदालत के समक्ष लाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed