Budget 2025: आयकर सीमा बढ़ने से कर्मी, पेंशनर खुश, महंगाई से नहीं मिल पाई राहत; जानें प्रतिक्रियाएं विस्तार से
Budget 2025: केंद्र सरकार ने आयकर सीमा बढ़ाकर बड़ी राहत दे दी है। वहीं, बजट में महंगाई से निपटने के लिए कोई बड़ी घोषणा न होने से महिलाएं निराश दिखीं।
विस्तार
केंद्र सरकार की ओर से शनिवार को पेश किए गए बजट में आयकर सीमा बढ़ाने की घोषणा होते ही राजधानी के कर्मचारी और पेंशनर झूम उठे। इनका कहना है कि केंद्र सरकार ने आयकर सीमा बढ़ाकर बड़ी राहत दे दी है। इससे हर घर में अब हजारों रुपये की बचत हो सकेगी।
शहर में जगह-जगह लोग अपने मोबाइल पर बजट का अपडेट लेते रहे। मालरोड पर कई जगह टीवी शोरूम के बाहर भी लोग बजट देखते नजर आए। स्कैंडल प्वाइंट के पास काफी सेवानिवृत्त कर्मचारी जमा थे। मोबाइल पर बजट का हाल देख रहे थे। बजट में आयकर सीमा बढ़ाने का एलान होते ही ये खुश हो गए। बजट में महंगाई से निपटने के लिए कोई बड़ी घोषणा न होने से महिलाएं निराश दिखीं। महिलाओं के अनुसार रसोई गैस समेत राशन की कीमतों को कम करने का प्रावधान होने चाहिए था।
हजारों कर्मचारियों पेंशनरों को राहत
केंद्र सरकार ने आयकर सीमा बढ़ाकर बड़ी राहत दी है। इससे हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों को फायदा होगा। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट में इजाफा करने से किसानों को भी फायदा होगा- गुलाब ठाकुर, सेवानिवृत्त कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग
नौकरीपेशा लोगों को होगा फायदा
केंद्र सरकार का बजट बहुत अच्छा रहा है। नौकरीपेशा लोगों की आयकर सीमा बढ़ने से बचत होगी। टैक्स में बचत से जो पैसा बचेगा, उससे घर के दूसरे काम करवा सकेंगे। कई साल बाद आयकर सीमा बढ़ी है - सिम्मी सूद, गृहिणी
बागवानों के लिए निराशाजनक रहा बजट
केंद्र सरकार का यह बजट हिमाचल के किसानों और बागवानों के लिए निराशाजनक रहा है। सेब पर आयात शुल्क कम करने और इसका समर्थन मूल्य बढ़ाने को लेकर बजट में कोई घोषणा नहीं है। कृषि और बागवानी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और उर्वरकों में अनुदान देने को लेकर भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है- सोहन ठाकुर, अध्यक्ष सेब उत्पादक
केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला
आयकर सीमा 12 लाख रुपये करने की घोषणा केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला है। इससे लाखों परिवार जुड़े हैं। टीडीएस को लेकर भी सरकार ने राहत दी है जिससे पेंशनरों को फायदा होगा- एनएल शर्मा सेवानिवृत्त कर्मचारी कृषि विभाग
केंद्र सरकार ने बजट में बहुत सी चीजों के दाम कम करने की बात कही है, लेकिन रसोई गैस सिलिंडर और राशन समेत खाने-पीने की चीजों के दाम कम करने को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया है। इससे निराशा हुई है - मोनिका, गृहिणी
केंद्र सरकार का यह बजट मिलाजुला है। इसमें कई उत्पादों के दाम कम हुए हैं। आयकर सीमा बढ़ी है, लेकिन महिलाओं के लिए बजट में कुछ खास भी नहीं है। रसोई के बजट को लेकर राहत मिलनी चाहिए थी - कुसुम, गृहिणी
बढ़ती महंगाई में मिलेगी राहत
तीन करोड़ मध्यम वर्गीय आयकरदाताओं के लिए बजट में राहत दी है। सरकारी कर्मचारी एवं पेंशनभोगियों को इससे आयकर में छूट मिलेगी। इससे महंगाई में खर्चे पूरे कर सकेंगे। यह फैसला स्वागत योग्य है - आत्मा राम शर्मा, राज्य अध्यक्ष पेंशनर्स वेल्फेयर एसोसिएशन
बजट में पुरानी पेंशन बहाली का कोई जिक्र नहीं है। इससे कर्मचारी निराश हैं। कार्पोरेट करों में कमी से सीधे तौर पर कर्मचारियों को लाभ नहीं होगा। नई आयकर के किए गए प्रावधान में टीडीएस की लिमिट को बढ़ाकर जरूर कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है- भरत, महासचिव अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला शिमला
किसानों, महिलाओं, युवाओं पर केंद्रित है बजट : एबीवीपी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केंद्रीय बजट-2025 की सराहना की है। एबीवीपी की प्रांत मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि बजट में बीते वर्ष की तुलना में शिक्षा के लिए 1,28,650.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 6.65 फीसदी अधिक है। किसानों-बागवानों, महिलाओं, युवाओं तथा मध्यम वर्ग पर ध्यान देते हुए इस बजट को अधिक लोकलुभावना बनाने का प्रयास किया गया है।