{"_id":"6a4e3d1a86cc6fcbda00f79b","slug":"saryun-dhar-should-be-declared-a-backward-area-ashish-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-163286-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरयून धार को पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जाए : आशीष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरयून धार को पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जाए : आशीष
विज्ञापन
बादल फटने की वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र की सरयून धार को अन्य पिछड़े क्षेत्रों की तर्ज पर पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जाए। सरयून धार लंबे समय से विकास की दृष्टि से उपेक्षित रही है। वर्ष 2023 से अब तक कई पंचायतों में लगातार बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह बात हिमकोफेड के निदेशक सदस्य आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में प्रेस वार्ता में कही।
आशीष ने बताया कि कुह मझवाड़, हरलोग, बल्ह चुराणी-चुबानी, ननावां, सरयून और चलेली पंचायतें बार-बार प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि क्षेत्र का वैज्ञानिक आकलन कराने के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, ताकि बादल फटने की घटनाओं के कारणों का पता लगाया जा सके। उनका कहना था कि यदि सरयून धार को पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जाता है तो इसके विकास के लिए विशेष बजट उपलब्ध होगा और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा। उन्होंने हरलोग में उप तहसील कार्यालय को दोबारा बहाल करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि खोले गए उप-तहसील कार्यालय को किसी कारण से डिनोटिफाई कर दिया, जिससे लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र की सरयून धार को अन्य पिछड़े क्षेत्रों की तर्ज पर पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जाए। सरयून धार लंबे समय से विकास की दृष्टि से उपेक्षित रही है। वर्ष 2023 से अब तक कई पंचायतों में लगातार बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह बात हिमकोफेड के निदेशक सदस्य आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में प्रेस वार्ता में कही।
आशीष ने बताया कि कुह मझवाड़, हरलोग, बल्ह चुराणी-चुबानी, ननावां, सरयून और चलेली पंचायतें बार-बार प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि क्षेत्र का वैज्ञानिक आकलन कराने के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, ताकि बादल फटने की घटनाओं के कारणों का पता लगाया जा सके। उनका कहना था कि यदि सरयून धार को पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जाता है तो इसके विकास के लिए विशेष बजट उपलब्ध होगा और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा। उन्होंने हरलोग में उप तहसील कार्यालय को दोबारा बहाल करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि खोले गए उप-तहसील कार्यालय को किसी कारण से डिनोटिफाई कर दिया, जिससे लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन