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Bilaspur News: कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों के लिए प्याज की पनीरी तैयार
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-15 से 20 अगस्त तक खेतों में रोपाई कर सकते हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में किसानों के लिए खरीफ के प्याज की पनीरी तैयार की गई है। किसान इसको अपने खेतों में लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। विज्ञान केंद्र में किसानों के लिए एएफडीआर किस्म की पनीरी तैयार की गई है।
इस किस्म की एक किलोग्राम पनीरी से किसान 60-70 किलोग्राम हरे प्याज का उत्पादन कर सकते हैं। किसान विज्ञान केंद्र बरठीं से दो सौ रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से इसे ले सकते हैं। इस प्याज की पनीरी को 15 से 20 अगस्त तक खेतों में लगाया जा सकता है। इसकी फसल 80-90 दिनों में तैयार हो जाती है। किसान इस प्याज की पनीरी को लगाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकते हैं। इसके लिए किसान 15 अगस्त तक अपने खेतों को अच्छे से हल चला कर खेत में गली सड़ी गोबर की खाद मिला लें। इसके बाद अनुमोदित मात्रा में एनपीके और यूरिया मिलाएं। खेत में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें, क्योंकि खेतों में पानी के ठहराव से बीमारियां पनप सकती हैं और फसल खराब हो सकती है। इसके बाद खेत में प्याज की पनीरी की रोपाई करें। इसमें लाइन से लाइन की दूरी आधे फीट और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखे। खेत में खरपतवार को पनपने न दें। इसमें जब फसल डेढ़ महीने की हो जाती है, तो इसमें पत्तों में दाग पड़ने की समस्या आती है। इसके बचाव के लिए रिडोमिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करें। कृषि विज्ञान केंद्र में यह पनीरी अब तैयार है। किसान शीघ्र इसको ले जाकर नमी रहित जगह में रखें और 15 अगस्त के बाद खेत में लगाएं। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में सब्जी विभाग की वैज्ञानिक डॉ. मनप्रीत ने बताया की किसानों के लिए प्याज की पनीरी उपलब्ध है। किसान एक दो दिन में यहां से पनीरी ले जा सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में किसानों के लिए खरीफ के प्याज की पनीरी तैयार की गई है। किसान इसको अपने खेतों में लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। विज्ञान केंद्र में किसानों के लिए एएफडीआर किस्म की पनीरी तैयार की गई है।
इस किस्म की एक किलोग्राम पनीरी से किसान 60-70 किलोग्राम हरे प्याज का उत्पादन कर सकते हैं। किसान विज्ञान केंद्र बरठीं से दो सौ रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से इसे ले सकते हैं। इस प्याज की पनीरी को 15 से 20 अगस्त तक खेतों में लगाया जा सकता है। इसकी फसल 80-90 दिनों में तैयार हो जाती है। किसान इस प्याज की पनीरी को लगाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकते हैं। इसके लिए किसान 15 अगस्त तक अपने खेतों को अच्छे से हल चला कर खेत में गली सड़ी गोबर की खाद मिला लें। इसके बाद अनुमोदित मात्रा में एनपीके और यूरिया मिलाएं। खेत में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें, क्योंकि खेतों में पानी के ठहराव से बीमारियां पनप सकती हैं और फसल खराब हो सकती है। इसके बाद खेत में प्याज की पनीरी की रोपाई करें। इसमें लाइन से लाइन की दूरी आधे फीट और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखे। खेत में खरपतवार को पनपने न दें। इसमें जब फसल डेढ़ महीने की हो जाती है, तो इसमें पत्तों में दाग पड़ने की समस्या आती है। इसके बचाव के लिए रिडोमिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करें। कृषि विज्ञान केंद्र में यह पनीरी अब तैयार है। किसान शीघ्र इसको ले जाकर नमी रहित जगह में रखें और 15 अगस्त के बाद खेत में लगाएं। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में सब्जी विभाग की वैज्ञानिक डॉ. मनप्रीत ने बताया की किसानों के लिए प्याज की पनीरी उपलब्ध है। किसान एक दो दिन में यहां से पनीरी ले जा सकते हैं।
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