बिलासपुर कॉलेज में पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों के जरिये दिया खाद्य अपव्यय रोकने का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में विश्व खाद्य दिवस पर जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संतुलित आहार, पोषण और खाद्य सुरक्षा के महत्व की जानकारी दी गई। इस वर्ष की थीम ‘आज नवाचार करें, कल का पोषण करें’ रही। गतिविधि में विद्यार्थियों को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिजों की उपयोगिता तथा शरीर के विकास में उनकी भूमिका के बारे में बताया गया। शिक्षकों ने भोजन की बर्बादी रोकने और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का संदेश दिया। इस दौरान बबरू, भल्ले, पटांडे, कद्दू का खट्टा, हलवा, झोल और चिलडू सहित पारंपरिक हिमाचली व्यंजन प्रस्तुत किए गए। इस पहल के माध्यम से स्थानीय खानपान की परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया गया। गतिविधि में कृतिका, सुनाक्षी, श्रेष्ठा, तान्या, सृष्टि, मन्नत, कनिका, आंचल, चित्तरेखा और पूर्णिमा ने भाग लिया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव, डॉ. प्रवीण, डॉ. कमलेश और डॉ. ज्योति सहित अन्य उपस्थित रहे।