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Bilaspur News: गुलदस्ते लेकर आगे बढ़ीं कंगना, स्वागत में खड़े कार्यकर्ता रह गए इंतजार में
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बिलासपुर में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का स्वागत करती सांसद कंगना रणौत। स्रोत: भाजपा
वीडियो वायरल होने के बाद कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रणौत के शुक्रवार को बिलासपुर दौरे के दौरान स्वागत के लिए खड़े कार्यकर्ताओं से मुलाकात नहीं होने का मामला चर्चा में आ गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की बैठक में शामिल होने पहुंचीं कंगना सबसे पहले परिधि गृह गईं। यहां भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। कंगना ने कुछ पदाधिकारियों से गुलदस्ते लिए, लेकिन कतार में खड़ी महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले बिना अंदर चली गईं।
इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कार्यकर्ताओं के सम्मान को लेकर सवाल उठने लगे। खासकर महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी किए जाने को लेकर चर्चा हुई। इसे संगठन में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
घटनाक्रम के बाद सवाल उठे कि संगठन के लिए समर्पण भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक कार्यक्रमों में उचित सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हुई कि कार्यकर्ताओं को उपेक्षा महसूस होने पर उनके सम्मान के पक्ष में आवाज उठाई जाती है या नहीं।
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हालांकि, कंगना रणौत के बिलासपुर दौरे का निर्धारित उद्देश्य एनएचएआई की बैठक में शामिल होना था। उनके कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से मुलाकात का अलग से कोई कार्यक्रम शामिल नहीं था। इसके बावजूद स्वागत के दौरान सामने आए घटनाक्रम का वीडियो चर्चा का विषय बन गया। कार्यकर्ताओं की भूमिका और उनके सम्मान को लेकर उठे सवालों के बीच संगठन में उनके स्वाभिमान को प्राथमिकता देने की जरूरत पर बहस शुरू हो गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रणौत के शुक्रवार को बिलासपुर दौरे के दौरान स्वागत के लिए खड़े कार्यकर्ताओं से मुलाकात नहीं होने का मामला चर्चा में आ गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की बैठक में शामिल होने पहुंचीं कंगना सबसे पहले परिधि गृह गईं। यहां भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। कंगना ने कुछ पदाधिकारियों से गुलदस्ते लिए, लेकिन कतार में खड़ी महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले बिना अंदर चली गईं।
इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कार्यकर्ताओं के सम्मान को लेकर सवाल उठने लगे। खासकर महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी किए जाने को लेकर चर्चा हुई। इसे संगठन में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
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घटनाक्रम के बाद सवाल उठे कि संगठन के लिए समर्पण भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक कार्यक्रमों में उचित सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हुई कि कार्यकर्ताओं को उपेक्षा महसूस होने पर उनके सम्मान के पक्ष में आवाज उठाई जाती है या नहीं।
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हालांकि, कंगना रणौत के बिलासपुर दौरे का निर्धारित उद्देश्य एनएचएआई की बैठक में शामिल होना था। उनके कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से मुलाकात का अलग से कोई कार्यक्रम शामिल नहीं था। इसके बावजूद स्वागत के दौरान सामने आए घटनाक्रम का वीडियो चर्चा का विषय बन गया। कार्यकर्ताओं की भूमिका और उनके सम्मान को लेकर उठे सवालों के बीच संगठन में उनके स्वाभिमान को प्राथमिकता देने की जरूरत पर बहस शुरू हो गई है।