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Bilaspur News: पहली बारिश में ही नाले बनीं झंडूता की सड़कें
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अमरनाथ धीमान
ग्राउंड रिपोर्ट
जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त, वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की बढ़ीं मुश्किलें
हर बारिश में सड़कों पर जलभराव, स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
घुमारवीं-शाहतलाई और पनौल-झंडूता मार्ग पर बारिश में सफर बन जोखिम भरा
उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी बड़े शहरों पर निर्भर हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता में मानसून की पहली ही अच्छी बारिश ने विकास के दावों की हकीकत सामने ला दी है। क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें बारिश के पानी से इस तरह भर गईं कि वे सड़क कम और नालों जैसी अधिक दिखाई देने लगीं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सीधे सड़कों पर बह रहा है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
झंडूता को वर्षों पहले उपमंडल का दर्जा मिला था। लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासनिक दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं में तेजी से सुधार होगा, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि आज भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। बेहतर शिक्षा के लिए अभिभावक अपने बच्चों को बिलासपुर, घुमारवीं और अन्य शहरों में पढ़ाने को मजबूर हैं। वहीं, स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो गंभीर मरीजों को एम्स बिलासपुर या जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता है। ऐसे में खराब सड़कें लोगों की परेशानियों को और बढ़ा रही हैं।
क्षेत्र के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल घुमारवीं-शाहतलाई सड़क पर कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़क पर ही बहता दिखाई दे रहा है। सड़क के किनारे नालियां या तो बनी नहीं हैं या फिर उनकी क्षमता पर्याप्त नहीं है। कई जगह नालियां मलबे और मिट्टी से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण पानी सड़क पर फैल जाता है। इससे सड़क की सतह भी तेजी से खराब हो रही है।
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इसी तरह पनौल से झंडूता तक जाने वाले मार्ग की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी का तेज बहाव बना रहता है। वाहन चालकों को हर समय फिसलन और दुर्घटना का डर सताता रहता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई जगह सड़क पर बने गड्ढे पानी में छिप जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।
लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मानसून से पहले जिन तैयारियों का दावा किया जाता है, उनका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता। यदि समय रहते नालियों की सफाई, पुलियों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो सड़कों पर इस तरह पानी नहीं बहता। पहली ही बारिश में सड़कों की यह स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि प्रभावित सड़कों का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। सड़क किनारे नालियों का निर्माण, बंद पुलियों की सफाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जाए, ताकि पूरे मानसून के दौरान लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
बच्चों, बुजुर्गों को दिक्कत
बारिश के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। सड़क किनारे नालियों के निर्माण और उनकी नियमित सफाई होनी चाहिए।
कुलवंत सिंह पटियाल
पानी से ढक जाते हैं गड्ढे
बारिश के दौरान सड़क पर बहते पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देते। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। लोक निर्माण विभाग से तुरंत सड़क की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करना चाहिए।
कुलवंत ढटवालिया
बुनियादी सुविधाएं नहीं सुधरीं
झंडूता को उपमंडल बने काफी समय हो गया है, लेकिन सड़कों सहित कई मूलभूत सुविधाओं की स्थिति आज भी संतोषजनक नहीं है। हर वर्ष बरसात में यही समस्या सामने आती है, इसलिए अब इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
-अमरनाथ धीमान
झंडूता में मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। क्षेत्र में विभाग से संबंधित जो भी समस्याएं हैं, उन पर काम कर उनका समाधान किया जाएगा। लोगों की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है
-ज्ञान चंद शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, झंडूता
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जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त, वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की बढ़ीं मुश्किलें
हर बारिश में सड़कों पर जलभराव, स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
घुमारवीं-शाहतलाई और पनौल-झंडूता मार्ग पर बारिश में सफर बन जोखिम भरा
उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी बड़े शहरों पर निर्भर हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता में मानसून की पहली ही अच्छी बारिश ने विकास के दावों की हकीकत सामने ला दी है। क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें बारिश के पानी से इस तरह भर गईं कि वे सड़क कम और नालों जैसी अधिक दिखाई देने लगीं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सीधे सड़कों पर बह रहा है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
झंडूता को वर्षों पहले उपमंडल का दर्जा मिला था। लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासनिक दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं में तेजी से सुधार होगा, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि आज भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। बेहतर शिक्षा के लिए अभिभावक अपने बच्चों को बिलासपुर, घुमारवीं और अन्य शहरों में पढ़ाने को मजबूर हैं। वहीं, स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो गंभीर मरीजों को एम्स बिलासपुर या जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता है। ऐसे में खराब सड़कें लोगों की परेशानियों को और बढ़ा रही हैं।
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क्षेत्र के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल घुमारवीं-शाहतलाई सड़क पर कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़क पर ही बहता दिखाई दे रहा है। सड़क के किनारे नालियां या तो बनी नहीं हैं या फिर उनकी क्षमता पर्याप्त नहीं है। कई जगह नालियां मलबे और मिट्टी से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण पानी सड़क पर फैल जाता है। इससे सड़क की सतह भी तेजी से खराब हो रही है।
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इसी तरह पनौल से झंडूता तक जाने वाले मार्ग की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी का तेज बहाव बना रहता है। वाहन चालकों को हर समय फिसलन और दुर्घटना का डर सताता रहता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई जगह सड़क पर बने गड्ढे पानी में छिप जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।
लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मानसून से पहले जिन तैयारियों का दावा किया जाता है, उनका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता। यदि समय रहते नालियों की सफाई, पुलियों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो सड़कों पर इस तरह पानी नहीं बहता। पहली ही बारिश में सड़कों की यह स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि प्रभावित सड़कों का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। सड़क किनारे नालियों का निर्माण, बंद पुलियों की सफाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जाए, ताकि पूरे मानसून के दौरान लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
बच्चों, बुजुर्गों को दिक्कत
बारिश के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। सड़क किनारे नालियों के निर्माण और उनकी नियमित सफाई होनी चाहिए।
कुलवंत सिंह पटियाल
पानी से ढक जाते हैं गड्ढे
बारिश के दौरान सड़क पर बहते पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देते। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। लोक निर्माण विभाग से तुरंत सड़क की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करना चाहिए।
कुलवंत ढटवालिया
बुनियादी सुविधाएं नहीं सुधरीं
झंडूता को उपमंडल बने काफी समय हो गया है, लेकिन सड़कों सहित कई मूलभूत सुविधाओं की स्थिति आज भी संतोषजनक नहीं है। हर वर्ष बरसात में यही समस्या सामने आती है, इसलिए अब इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
-अमरनाथ धीमान
झंडूता में मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। क्षेत्र में विभाग से संबंधित जो भी समस्याएं हैं, उन पर काम कर उनका समाधान किया जाएगा। लोगों की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है
-ज्ञान चंद शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, झंडूता

अमरनाथ धीमान

अमरनाथ धीमान

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