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Bilaspur News: बंदला रूट की बस 14 तक बहाल नहीं हुईं तो देंगे धरना
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एचआरटीसी वर्कशॉप बिलासपुर में कार्यालय अधीक्षक को ज्ञापन देते बंदला के ग्रामीण। स्रोत: जागरूक प
ग्रामीणों ने एचआरटीसी वर्कशॉप पहुंचकर सौंपा कार्यालय अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
सुबह-शाम की बस सेवा बहाल करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रभावित बस सेवा बहाल नहीं होने पर ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने एचआरटीसी वर्कशॉप बिलासपुर पहुंचकर मंडलीय प्रबंधक के नाम कार्यालय अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बस सेवाएं बहाल करने के लिए 14 अक्तूबर तक का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि तक मांग पूरी नहीं हुई तो एचआरटीसी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बिलासपुर-बंदला-ब्रह्मपुखर रूट पर बस सेवाओं में किए गए बदलाव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। शाम को बिलासपुर से चलने वाली अंतिम बस को अब रात में सिहड़ा में रोका जा रहा है। पहले यह बस ब्रह्मपुखर से लौटकर रात को बिलासपुर पहुंचती थी और अगले दिन सुबह सात बजे बिलासपुर से बंदला होते हुए ब्रह्मपुखर के लिए रवाना होती थी। नई व्यवस्था के तहत सुबह भी बस सिहड़ा से ही चल रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बंदला, धामणा, बडसौर, कुनाला, ब्रह्मपुखर और आसपास के गांवों के लोगों के लिए यह बस सेवा काफी महत्वपूर्ण है। शाम को बिलासपुर से घर लौटने वाले लोगों को बस का संचालन सिहड़ा तक सीमित होने से परेशानी हो रही है। वहीं, सुबह बिलासपुर और रास्ते में पड़ने वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सिहड़ा तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधन तलाशना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने इससे पहले भी उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर बस सेवाएं पूर्व की तरह बहाल करने की मांग उठाई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर अब एचआरटीसी वर्कशॉप पहुंचकर मंडलीय प्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा है। शुक्रवार को मंडलीय प्रबंधक के मौजूद नहीं होने के कारण कार्यालय अधीक्षक के माध्यम से ज्ञापन दिया गया। ग्रामीणों ने निगम प्रबंधन से मांग की है कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन पहले की तरह किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 अक्तूबर तक बस सेवाएं बहाल नहीं की गईं तो ग्रामीण धरना देने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर बंदला पंचायत के पूर्व प्रधान सतीश ठाकुर, अनिल कुमार, हर्ष, राकेश सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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सुबह-शाम की बस सेवा बहाल करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रभावित बस सेवा बहाल नहीं होने पर ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने एचआरटीसी वर्कशॉप बिलासपुर पहुंचकर मंडलीय प्रबंधक के नाम कार्यालय अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बस सेवाएं बहाल करने के लिए 14 अक्तूबर तक का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि तक मांग पूरी नहीं हुई तो एचआरटीसी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बिलासपुर-बंदला-ब्रह्मपुखर रूट पर बस सेवाओं में किए गए बदलाव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। शाम को बिलासपुर से चलने वाली अंतिम बस को अब रात में सिहड़ा में रोका जा रहा है। पहले यह बस ब्रह्मपुखर से लौटकर रात को बिलासपुर पहुंचती थी और अगले दिन सुबह सात बजे बिलासपुर से बंदला होते हुए ब्रह्मपुखर के लिए रवाना होती थी। नई व्यवस्था के तहत सुबह भी बस सिहड़ा से ही चल रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बंदला, धामणा, बडसौर, कुनाला, ब्रह्मपुखर और आसपास के गांवों के लोगों के लिए यह बस सेवा काफी महत्वपूर्ण है। शाम को बिलासपुर से घर लौटने वाले लोगों को बस का संचालन सिहड़ा तक सीमित होने से परेशानी हो रही है। वहीं, सुबह बिलासपुर और रास्ते में पड़ने वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सिहड़ा तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधन तलाशना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने इससे पहले भी उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर बस सेवाएं पूर्व की तरह बहाल करने की मांग उठाई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर अब एचआरटीसी वर्कशॉप पहुंचकर मंडलीय प्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा है। शुक्रवार को मंडलीय प्रबंधक के मौजूद नहीं होने के कारण कार्यालय अधीक्षक के माध्यम से ज्ञापन दिया गया। ग्रामीणों ने निगम प्रबंधन से मांग की है कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन पहले की तरह किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 अक्तूबर तक बस सेवाएं बहाल नहीं की गईं तो ग्रामीण धरना देने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर बंदला पंचायत के पूर्व प्रधान सतीश ठाकुर, अनिल कुमार, हर्ष, राकेश सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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