{"_id":"6ac109b50c8a49dcb30dd572","slug":"identification-of-children-with-disabilities-to-be-carried-out-student-screening-begins-on-the-prashast-app-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-169128-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: दिव्यांग बच्चों की होगी पहचान, प्रशस्त एप पर छात्रों की स्क्रीनिंग शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: दिव्यांग बच्चों की होगी पहचान, प्रशस्त एप पर छात्रों की स्क्रीनिंग शुरू
विज्ञापन
3 से 18 वर्ष के विद्यार्थियों की होगी स्क्रीनिंग, 5,795 शिक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी
चिह्नित दिव्यांग बच्चों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की 100 फीसदी स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षक प्रशस्त एप 2.0 से 3 से 18 वर्ष तक के विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग करेंगे। अभियान का उद्देश्य दिव्यांगता या विशेष शैक्षणिक जरूरत वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उप निदेशक शिक्षा गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी निशा गुप्ता ने सभी प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और संबंधित अधिकारियों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के लिए जिले के करीब 729 स्कूलों में 5,795 शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। स्कूल प्रमुख पार्ट-1 स्क्रीनिंग के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपेंगे।
स्क्रीनिंग के पहले चरण में शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों के व्यवहार, शारीरिक गतिविधियों और सीखने की क्षमता पर नजर रखेंगे। किसी विद्यार्थी में शारीरिक, मानसिक या सीखने से संबंधित अक्षमता के संकेत मिलने पर उसका विवरण प्रशस्त एप पर दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरे चरण में स्पेशल एजुकेटर संबंधित स्कूल या मौके पर जाकर बच्चे का दोबारा परीक्षण और मूल्यांकन करेंगे। अक्षमता की पुष्टि होने पर नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद बच्चे को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की श्रेणी में शामिल कर सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण और अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जा सकेगा।
प्रशस्त एप पर 21 प्रकार की दिव्यांगताएं
प्रशस्त एप पर 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को शामिल किया गया है। इनमें अंधापन, कम दृष्टि, श्रवण बाधित, वाक एवं भाषा दिव्यांगता, चलन दिव्यांगता, बौनापन, कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, तेजाब हमला पीड़ित, बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक रोग, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, विशिष्ट अधिगम अक्षमता, दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी स्थिति, मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस रोग, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल रोग और बहु-दिव्यांगता शामिल हैं।
विज्ञापन
चिह्नित दिव्यांग बच्चों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की 100 फीसदी स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षक प्रशस्त एप 2.0 से 3 से 18 वर्ष तक के विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग करेंगे। अभियान का उद्देश्य दिव्यांगता या विशेष शैक्षणिक जरूरत वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उप निदेशक शिक्षा गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी निशा गुप्ता ने सभी प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और संबंधित अधिकारियों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के लिए जिले के करीब 729 स्कूलों में 5,795 शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। स्कूल प्रमुख पार्ट-1 स्क्रीनिंग के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपेंगे।
विज्ञापन
स्क्रीनिंग के पहले चरण में शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों के व्यवहार, शारीरिक गतिविधियों और सीखने की क्षमता पर नजर रखेंगे। किसी विद्यार्थी में शारीरिक, मानसिक या सीखने से संबंधित अक्षमता के संकेत मिलने पर उसका विवरण प्रशस्त एप पर दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरे चरण में स्पेशल एजुकेटर संबंधित स्कूल या मौके पर जाकर बच्चे का दोबारा परीक्षण और मूल्यांकन करेंगे। अक्षमता की पुष्टि होने पर नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद बच्चे को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की श्रेणी में शामिल कर सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण और अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जा सकेगा।
प्रशस्त एप पर 21 प्रकार की दिव्यांगताएं
प्रशस्त एप पर 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को शामिल किया गया है। इनमें अंधापन, कम दृष्टि, श्रवण बाधित, वाक एवं भाषा दिव्यांगता, चलन दिव्यांगता, बौनापन, कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, तेजाब हमला पीड़ित, बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक रोग, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, विशिष्ट अधिगम अक्षमता, दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी स्थिति, मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस रोग, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल रोग और बहु-दिव्यांगता शामिल हैं।