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Bilaspur News: पुराने एनएच पर बसें कम, स्वारघाट में घंटों इंतजार

Sat, 03 Oct 2026 11:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:46 PM IST
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Fewer buses on the old NH; hours-long wait at Swarghat.
15 दिन में रूट बहाल नहीं किया तो भूख हड़ताल की चेतावनी
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फोरलेन बनने के बाद पुराने चंडीगढ़-मनाली मार्ग पर घट गई बसों की संख्या
पंचायत प्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। बिलासपुर से स्वारघाट के बीच पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग चंडीगढ़-मनाली पर निर्धारित रूटों पर बसें नहीं चलने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। फोरलेन बनने के बाद सरकारी और निजी बसों के रूट बदलने से स्वारघाट और आसपास की पंचायतों के लोगों को बिलासपुर जाने के लिए घंटों बस का इंतजार करना पड़ रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और लोगों की ओर से जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को लिखित रूप से समस्या से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
लोगों के अनुसार फोरलेन शुरू होने से पहले स्वारघाट से बिलासपुर के बीच पुराने मार्ग पर कई सरकारी और निजी बसें नियमित रूप से चलती थीं। फोरलेन शुरू होने के बाद इनमें से अधिकांश बसें स्वारघाट से कैंची मोड़ होते हुए फोरलेन पर जाने लगीं। इससे पुराने मार्ग पर बस सेवा सीमित रह गई है। बिलासपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को कई-कई घंटे बस का इंतजार करना पड़ रहा है।
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लोगों के अनुसार निजी बस संचालक स्वारघाट-बिलासपुर मार्ग पर पर्याप्त सवारी नहीं मिलने को बसें चलाने में घाटे का कारण बताते हैं। लोगों का सवाल है कि फोरलेन बनने से पहले इसी मार्ग पर नियमित रूप से कई बसें चलती थीं। नालागढ़ और बिलासपुर डिपो की कई बसें भी पहले इस मार्ग से गुजरती थीं, अब उनके रूट फोरलेन की ओर किए जाने से पुराने मार्ग पर बस सेवा प्रभावित हुई है।
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विद्यार्थियों और कर्मचारियों पर भी असर
बस सेवा की कमी का असर आम यात्रियों के साथ विद्यार्थियों और कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। स्वारघाट में सरकारी कार्यालयों के अलावा निजी शिक्षण संस्थान और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं। यहां आसपास से विद्यार्थी और कर्मचारी रोजाना आते हैं। समय पर बस नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी वाहनों या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। लोगों का कहना है कि हर परिवार के पास अपना वाहन नहीं है और बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं।

कुटैहला की प्रधान मीना कुमारी, उपप्रधान गुरदेव शर्मा, पूर्व प्रधान बालकृष्ण ठाकुर, तंबोल पंचायत के बीडीसी सदस्य महेंद्र सिंह, स्वारघाट के वरिष्ठ नागरिक राममूर्ति धर्माणी, व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय कुमार ठाकुर, पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह ठाकुर और पंचायत समिति अध्यक्ष रूप लाल ठाकुर ने कहा कि पर्याप्त बस सेवा नहीं होने का असर स्वारघाट के कारोबार पर भी पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर स्वारघाट से बिलासपुर के बीच पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्धारित बस रूट बहाल नहीं किए गए तो पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग स्वारघाट बस अड्डे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इसके साथ ही समस्या के समाधान के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की चेतावनी भी दी गई है।
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