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पराली जलाने पर दंड का फरमान सुनाने पर किसानों ने डीएम के सामने किया हंगामा
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बिलासपुर। किसानों ने पराली जलाने को लेकर जिला कृषि अधिकारी द्वारा बार-बार दंड दिए जाने के बयान पर जिलाधिकारी के सामने ही हंगामा किया। किसानों का कहना था कि शासन और प्रशासन उन्हें धान की पराली के निस्तारण का कोई न तो तरीका बता रहे हैं और न ही कोई यंत्र उपलब्ध करवा रहे हैं और उन्हें बार-बार दंडित करने का फरमान जारी किया जा रहा है। हंगामा कर रहे किसानों को एसडीएम और सीओ ने अपने मातहतों के सहयोग से बमुश्किल शांत किया। बाद में डीएम ने किसानों को समझाया तो किसान शांत हो गए।
बुधवार को नगर के माटखेड़ा मार्ग स्थित एक बारात घर में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादंड की अध्यक्षता में किसानों की गोष्ठी चल रही थी। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी पराली निस्तारण आदि को लेकर अपना संबोधन व्यक्त कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को पराली जलाने पर बार- बार दंडित करने की बात जब दोहराई, जिसका किसानों ने एतराज किया। गोष्ठी में मौजूद किसानों ने जिला कृषि अधिकारी के बयानों को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया और करीब आधा घंटे हंगामा हो होता रहा। एसडीएम अशोक कुमार चौधरी तथा सीओ विद्या किशोर शर्मा ने अपने मातहतों के सहयोग से हंगामा करने वाले किसानों को समझा कर बैठाया। किसानों का कहना था कि शासन और प्रशासन उन्हें पराली के निस्तारण करने की बात महज कागजों में ही समझा रहा है और न ही यंत्र उपलब्ध करवा रहा है, बल्कि दंडित करने की बात कहकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। हंगामा शांत होते ही जिलाधिकारी ने तुरंत ही कमान संभाली और कहा कि वह उन किसानों की पराली की समस्या का समाधान शीघ्र करेंगे और किसानों का किसी भी स्तर पर शोषण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने धान काटने से लेकर, धान तौलने, धान की बिक्री भुगतान खाते में पहुंचने आदि के बारे में तरीकों से किसानों को संतुष्ट किया। बाद में किसान डीएम के आश्वासन पर पूरी गोष्ठी में शांत होकर बैठे रहे। हंगामा करने वालों में गुरचरण सिंह, अमरजीत सिंह ढिल्लो, गुरजीत सिंह चीमा, जगजीत सिंह गिल, मोहम्मद हनीफ वारसी, मोहम्मद सलीम बारसी, बलविंदर सिंह मल्ली, अर्जुन सिंह गिल, जागीर सिंह, प्रितपाल सिंह, गुरविंदर सिंह पन्नू, शिवदेव सिंह, हरप्रीत सिंह, उत्तम सिंह आदि मुख्य थे।
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बुधवार को नगर के माटखेड़ा मार्ग स्थित एक बारात घर में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादंड की अध्यक्षता में किसानों की गोष्ठी चल रही थी। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी पराली निस्तारण आदि को लेकर अपना संबोधन व्यक्त कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को पराली जलाने पर बार- बार दंडित करने की बात जब दोहराई, जिसका किसानों ने एतराज किया। गोष्ठी में मौजूद किसानों ने जिला कृषि अधिकारी के बयानों को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया और करीब आधा घंटे हंगामा हो होता रहा। एसडीएम अशोक कुमार चौधरी तथा सीओ विद्या किशोर शर्मा ने अपने मातहतों के सहयोग से हंगामा करने वाले किसानों को समझा कर बैठाया। किसानों का कहना था कि शासन और प्रशासन उन्हें पराली के निस्तारण करने की बात महज कागजों में ही समझा रहा है और न ही यंत्र उपलब्ध करवा रहा है, बल्कि दंडित करने की बात कहकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। हंगामा शांत होते ही जिलाधिकारी ने तुरंत ही कमान संभाली और कहा कि वह उन किसानों की पराली की समस्या का समाधान शीघ्र करेंगे और किसानों का किसी भी स्तर पर शोषण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने धान काटने से लेकर, धान तौलने, धान की बिक्री भुगतान खाते में पहुंचने आदि के बारे में तरीकों से किसानों को संतुष्ट किया। बाद में किसान डीएम के आश्वासन पर पूरी गोष्ठी में शांत होकर बैठे रहे। हंगामा करने वालों में गुरचरण सिंह, अमरजीत सिंह ढिल्लो, गुरजीत सिंह चीमा, जगजीत सिंह गिल, मोहम्मद हनीफ वारसी, मोहम्मद सलीम बारसी, बलविंदर सिंह मल्ली, अर्जुन सिंह गिल, जागीर सिंह, प्रितपाल सिंह, गुरविंदर सिंह पन्नू, शिवदेव सिंह, हरप्रीत सिंह, उत्तम सिंह आदि मुख्य थे।
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