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Bilaspur News: चिकित्सक पेन डाउन हड़ताल पर, ढाई घंटे परेशान रहे मरीज
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-सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 बजे तक लोगों को ओपीडी में नहीं मिली सेवाएं
-रूटीन ओटी, आपातकालीन सेवाएं, आईपीडी रही सामान्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं(बिलासपुर)। जिले के अस्पतालों में कार्यरत 95 चिकित्सा अधिकारी प्रति दिन ढाई घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिले के अस्पतालों में सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 बजे तक मरीजों को ओपीडी में डॉक्टरों की सुविधा नहीं मिली। मंगलवार सुबह डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि रूटीन ऑपरेशन थियेटर, आईपीडी और आपात सेवाएं सामान्य रहीं।
हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉक्टर भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि इस दौरान जिला अस्पताल में गेट मीटिंग भी की गई। कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तब तक वह हड़ताल पर रहेंगे। वहीं मांगें नहीं मानी तो 5 मार्च के बाद सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। जिले के नागरिक अस्पताल घुमारवीं, बरठीं, मार्कंडेय, घवांडल सहित सभी सीएचसी व प्राथमिक केंद्रों में पेन डाउन हड़ताल के दौरान मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ा।
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सुबह से ओपीडी में नहीं बैठे डॉक्टर, मरीज बेहाल
जिले के अस्पतालों में हड़ताल के चलते चिकित्सक सुबह 9:30 से 12:00 बजे तक ओपीडी में नहीं बैठे। इससे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों को केवल आपात स्थिति में उपचार की सुविधा ही मिली।
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ये हैं डॉक्टरों की मांगें
चिकित्सक एनपीए, एड्स कंट्रोल सोसायटी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर का कार्यभार स्वास्थ्य निदेशक को देने और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व एमएस के पास जो शक्तियां है उन्हें वापस देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा संघ का कहना है कि 13 फरवरी को जो बैठक मुख्यमंत्री के साथ हुई थी, उस बैठक के मुख्य बिंदु भी नहीं निकाले गए हैं। यही वजह है कि चिकित्सक अब अपनी मांगों को लेकर प्रदेश भर में हड़ताल कर रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल बिलासपुर में डॉक्टरों ने की गेट मीटिंग
हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ बिलासपुर की गेट मीटिंग अध्यक्ष डॉक्टर भूपेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में डॉक्टर सतीश शर्मा,डॉ क्टर अनुपम शर्मा, डॉक्टर सौरभ, डॉक्टर ऋषि टंडन, डॉक्टर दीक्षा समेत अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। चिकित्सकों की कलम छोड़ हड़ताल पर सुबह 9:30 से 12:00 बजे तक ओपीडी प्रभावित रही। डॉक्टर भूपेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री से 13 फरवरी की वार्ता के मिनट्स ऑफ मीटिंग अभी तक संघ से साझा नहीं किए गए हैं।
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घुमारवीं अस्पताल में सीढि़यों पर इंतजार करते रहे मरीज
घुमारवीं नागरिक अस्पताल में जनरल ओपीडी बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को दोपहर 12:00 के बाद ही इलाज मिल पाया। जबकि सुबह 9:00 बजे से ही ओपीडी के बाहर लोग बेंच, सीढ़ियों और जमीन पर बैठकर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन ओपीडी के बाहर लगना शुरू हो गई। ओपीडी में चिकित्सक मौजूद न होने की वजह से मरीज इधर-उधर भटकते रहे। हालांकि अस्पताल में मौजूद दूसरे कर्मचारियों द्वारा लोगों को बताया गया कि 12 बजे के बाद ही उन्हें ओपीडी की सुविधा मिल पाएगी।
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-रूटीन ओटी, आपातकालीन सेवाएं, आईपीडी रही सामान्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं(बिलासपुर)। जिले के अस्पतालों में कार्यरत 95 चिकित्सा अधिकारी प्रति दिन ढाई घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिले के अस्पतालों में सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 बजे तक मरीजों को ओपीडी में डॉक्टरों की सुविधा नहीं मिली। मंगलवार सुबह डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि रूटीन ऑपरेशन थियेटर, आईपीडी और आपात सेवाएं सामान्य रहीं।
हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉक्टर भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि इस दौरान जिला अस्पताल में गेट मीटिंग भी की गई। कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तब तक वह हड़ताल पर रहेंगे। वहीं मांगें नहीं मानी तो 5 मार्च के बाद सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। जिले के नागरिक अस्पताल घुमारवीं, बरठीं, मार्कंडेय, घवांडल सहित सभी सीएचसी व प्राथमिक केंद्रों में पेन डाउन हड़ताल के दौरान मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ा।
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सुबह से ओपीडी में नहीं बैठे डॉक्टर, मरीज बेहाल
जिले के अस्पतालों में हड़ताल के चलते चिकित्सक सुबह 9:30 से 12:00 बजे तक ओपीडी में नहीं बैठे। इससे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों को केवल आपात स्थिति में उपचार की सुविधा ही मिली।
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ये हैं डॉक्टरों की मांगें
चिकित्सक एनपीए, एड्स कंट्रोल सोसायटी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर का कार्यभार स्वास्थ्य निदेशक को देने और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व एमएस के पास जो शक्तियां है उन्हें वापस देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा संघ का कहना है कि 13 फरवरी को जो बैठक मुख्यमंत्री के साथ हुई थी, उस बैठक के मुख्य बिंदु भी नहीं निकाले गए हैं। यही वजह है कि चिकित्सक अब अपनी मांगों को लेकर प्रदेश भर में हड़ताल कर रहे हैं।
नागरिक अस्पताल बिलासपुर में डॉक्टरों ने की गेट मीटिंग
हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ बिलासपुर की गेट मीटिंग अध्यक्ष डॉक्टर भूपेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में डॉक्टर सतीश शर्मा,डॉ क्टर अनुपम शर्मा, डॉक्टर सौरभ, डॉक्टर ऋषि टंडन, डॉक्टर दीक्षा समेत अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। चिकित्सकों की कलम छोड़ हड़ताल पर सुबह 9:30 से 12:00 बजे तक ओपीडी प्रभावित रही। डॉक्टर भूपेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री से 13 फरवरी की वार्ता के मिनट्स ऑफ मीटिंग अभी तक संघ से साझा नहीं किए गए हैं।
घुमारवीं अस्पताल में सीढि़यों पर इंतजार करते रहे मरीज
घुमारवीं नागरिक अस्पताल में जनरल ओपीडी बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को दोपहर 12:00 के बाद ही इलाज मिल पाया। जबकि सुबह 9:00 बजे से ही ओपीडी के बाहर लोग बेंच, सीढ़ियों और जमीन पर बैठकर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन ओपीडी के बाहर लगना शुरू हो गई। ओपीडी में चिकित्सक मौजूद न होने की वजह से मरीज इधर-उधर भटकते रहे। हालांकि अस्पताल में मौजूद दूसरे कर्मचारियों द्वारा लोगों को बताया गया कि 12 बजे के बाद ही उन्हें ओपीडी की सुविधा मिल पाएगी।