फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Delay condonation petition accepted, clearing the way for filing civil appeal

Bilaspur News: देरी माफी याचिका मंजूर, सिविल अपील दायर करने का रास्ता साफ

Sat, 25 Apr 2026 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 25 Apr 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
Delay condonation petition accepted, clearing the way for filing civil appeal
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने दिया आदेश
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने सिविल अपील दाखिल करने में हुई देरी को माफ करते हुए देरी माफी याचिका स्वीकार कर ली है। लेकिन अदालत ने याचिकाकर्ता पर 2,500 की कॉस्ट लगाई है। यह मामला सिविल जज झंडूता द्वारा 19 जुलाई 2023 को पारित आदेश से संबंधित है।

उक्त आदेश 39 नियम 1 व 2 सीपीसी के तहत पारित किया गया था, जिसमें भूमि के उपयोग एवं खेती संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। इसी आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में हुई देरी को लेकर यह याचिका दाखिल की गई थी। विवाद लगभग 10 बीघा भूमि से जुड़ा है, जो जिला गांव पपलोआ स्थित है और संयुक्त स्वामित्व में बताई गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उसने भूमि का एक हिस्सा रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से खरीदा है और वह उस पर कृषि कार्य कर रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रमाणित प्रति समय पर प्राप्त कर ली गई थी, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपील समय पर दायर नहीं हो सकी। याचिकाकर्ता ने बताया कि वह अपने गंभीर रूप से बीमार रिश्तेदार की देखभाल में व्यस्त था, जिनका बाद में निधन हो गया। इसके बाद अंतिम संस्कार और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते भी देरी हुई। प्रतिवादियों ने देरी के कारणों को अस्वीकार करते हुए कहा कि ये तर्क मनगढ़ंत हैं और इनके समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ता ने जानबूझकर देरी की है, इसलिए याचिका खारिज की जाए। अदालत ने कहा कि कानून के अनुसार ‘पर्याप्त कारण’ होने पर देरी माफ की जा सकती है, लेकिन यह न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए अदालत ने माना कि प्रस्तुत परिस्थितियों में देरी जानबूझकर नहीं लगती। अदालत ने देरी माफी याचिका स्वीकार करते हुए अपील दायर करने में हुई देरी को माफ कर दिया है। हालांकि याचिकाकर्ता पर 2,500 का जुर्माना लगाया गया है। मामले को मुख्य अपील के साथ जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 23 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed