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दस दिन बाद भ्ाी हाथ नहीं लगा आदमखोर तेंदुआ
ब्यूरो, अमर उजाला, भराड़ी (बिलासपुर)।
Updated Mon, 05 Dec 2016 10:25 PM IST
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दधोलकलां गांव में आदमखोर तेंदुए को खोजने के लिए क्षेत्र में आई शूटरों की टीम सोमवार को वापस लौट गई है। लेकिन, अब एक हफ्ते के बाद शूटरों की टीम दोबारा क्षेत्र में पहुंचकर तेंदुए को खोजने का अभियान शुरू कर सकती है। रसोइये तिलक को मारने के दस दिनों तक शूटरों के हाथ में तेंदुआ न आने के कारण इस अभियान को एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया।
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गौर रहे कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में तेंदुए के पैरों के निशान भी एक्सपर्ट को नहीं मिले हैं। शूटर टीम के प्रमुख रमेश चौहान ने बताया कि टीम पिछले दस दिनों से क्षेत्र में सर्च लाइटों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से तेंदुए की खोज कर रही थी। इससे जंगल में अन्य जानवर तंग हो रहे थे। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से तेंदुए का कोई भी निशान न मिल पाने के कारण और एक्सपर्ट की राय के अनुसार अभियान का कुलिंग ऑफ पीरियड किया गया है। उन्होंने बताया कि जब तक जानवरों की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी के पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक इस अभियान को स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को एक हफ्ते बाद फिर शुरू किया जा सकता है।
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उधर, डीफओ बिलासपुर सीबी ताशीलदार ने बताया कि जंगल में तेंदुआ शूटरों के निशाने पर नहीं आ सका। दिन-रात जंगल में लगातार सर्च अभियान चलाया गया। जिस कारण अन्य जंगली जानवर भी परेशान हो रहे थे। तेंदुए का कोई भी फोटो कैमरा ट्रैप में नहीं आया है। फिलहाल शूटर वापस चले गए हैं। लेकिन, विभाग के कर्मचारी क्षेत्र में नजर बनाए रखेंगे। जैसे ही तेंदुए की मौजूदगी का कोई सुराग मिलेगा शूटरों को वापस बुला लिया जाएगा।
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