{"_id":"657c4de895ecfa668d007a14","slug":"be-faithful-to-your-spouse-to-avoid-aids-vijay-bilaspur-news-c-92-1-ssml1003-10147-2023-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"एड्स से बचने के लिए जीवनसाथी के प्रति रहें वफादार : विजय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एड्स से बचने के लिए जीवनसाथी के प्रति रहें वफादार : विजय
Fri, 15 Dec 2023 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 15 Dec 2023 11:28 PM IST
विज्ञापन
-जुखाला में एड्स हुआ जागरूकता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। को-ऑपरेटिव बैंक जुखाला शाखा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने एचआईवी पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एड्स/एचआईवी इंफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है। यह जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करता है, जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से भी लड़ने में सक्षम नहीं हो पाता। एड्स असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, संक्रमित का रक्त चढ़ाने, संक्रमित मां से बच्चे को होता है। एड्स से बचने के लिए जीवनसाथी के प्रति वफादार रहें। रक्त चढ़ाने से पहले रक्त की जांच अवश्य कर लें। रक्त एचआईवी नेगेटिव होना चाहिए। हर गर्भवती मां का गर्भधारण के पहले ही एचआईवी के लिए रक्त परीक्षण किया जाना चाहिए ताकि उसके होने वाले बच्चे को एचआईवी के संक्रमण से बचाया जा सके। यह परीक्षण ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य उपकेंद्र भी किया जाता है। एचआईवी एड्स से प्रभावित बच्चों को 18 वर्ष तक की आयु तक सरकार की तरफ से सहायता राशि भी दी जाती है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। को-ऑपरेटिव बैंक जुखाला शाखा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने एचआईवी पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एड्स/एचआईवी इंफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है। यह जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करता है, जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से भी लड़ने में सक्षम नहीं हो पाता। एड्स असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, संक्रमित का रक्त चढ़ाने, संक्रमित मां से बच्चे को होता है। एड्स से बचने के लिए जीवनसाथी के प्रति वफादार रहें। रक्त चढ़ाने से पहले रक्त की जांच अवश्य कर लें। रक्त एचआईवी नेगेटिव होना चाहिए। हर गर्भवती मां का गर्भधारण के पहले ही एचआईवी के लिए रक्त परीक्षण किया जाना चाहिए ताकि उसके होने वाले बच्चे को एचआईवी के संक्रमण से बचाया जा सके। यह परीक्षण ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य उपकेंद्र भी किया जाता है। एचआईवी एड्स से प्रभावित बच्चों को 18 वर्ष तक की आयु तक सरकार की तरफ से सहायता राशि भी दी जाती है।
विज्ञापन