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Bilaspur News: बीडीटीएस पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मिल कर की सीमेंट प्लांट को शुरू कराने की मांग
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बिलासपुर। द बिलासपुर जिला परिवहन ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा की पदाधिकारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के साथ मुलाकात की। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बरमाणा सीमेंट प्लांट को जल्द शुरू कराने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने अदाणी समूह पर तानाशाही करने का भी आरोप लगाया।
पदाधिकारियों ने बताया कि जब से बरमाणा सीमेंट प्लांट का मालिकाना हक अदाणी समूह के पास गया है, तब से बिलासपुर के ट्रकों का ढुलाई का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। साल 1983 में बरमाणा में एसीसी फैक्ट्री की स्थापना होने पर स्थानीय लोगों ने बीडीटीएस के नाम से सहकारी सभा का गठन करके इसी के बैनर तले अपने हकों के लिए आवाज बुलंद की थी। उसके बाद तय फार्मूले के अनुसार ही ढुलाई के दामों में बढ़ोतरी या कमी की जाती रही। इतने सालों तक सब कुछ सुचारू तरीके से चलता रहा, लेकिन कुछ माह पूर्व अदाणी समूह ने इन प्लांटों को खरीदने के बाद तानाशाही शुरू कर दी। अदाणी समूह ने घाटे की दुहाई देकर सीमेंट प्लांट बंद कर दिए, लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। बीडीटीएस और एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन के माध्यम से हजारों ट्रक ऑपरेटर पूर्व में तय फार्मूले के अनुसार निर्धारित रेट पर ही डुलाई कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे फैक्ट्री के लिए रॉ मैटेरियल की ढुलाई पर 40 फीसदी डिस्काउंट भी दे रहे हैं। एसीसी फैक्ट्री प्रबंधन को सभी जरूरी चीजें बेहद कम दरों पर उपलब्ध हो रही हैं। ऐसे में अदानी समूह घाटे की दुहाई देना पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा है। इस समूह की तानाशाही की वजह से हजारों ट्रांसपोर्टरों के साथ ही हजारों अन्य लोगों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। इसके लिए यही समूह पूरी तरह से जिम्मेदार है। बेहतर होगा कि अदाणी समूह अपना अडय़िल रवैया छोडक़र सीमेंट फैक्ट्रियों की पहले की तरह सुचारू तरीके से चलाएं। इस मौके पर बीडीटीएस प्रधान राकेश कुमार, महासचिव प्रदीप ठाकुर, कोषाध्यक्ष सुरेश चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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पदाधिकारियों ने बताया कि जब से बरमाणा सीमेंट प्लांट का मालिकाना हक अदाणी समूह के पास गया है, तब से बिलासपुर के ट्रकों का ढुलाई का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। साल 1983 में बरमाणा में एसीसी फैक्ट्री की स्थापना होने पर स्थानीय लोगों ने बीडीटीएस के नाम से सहकारी सभा का गठन करके इसी के बैनर तले अपने हकों के लिए आवाज बुलंद की थी। उसके बाद तय फार्मूले के अनुसार ही ढुलाई के दामों में बढ़ोतरी या कमी की जाती रही। इतने सालों तक सब कुछ सुचारू तरीके से चलता रहा, लेकिन कुछ माह पूर्व अदाणी समूह ने इन प्लांटों को खरीदने के बाद तानाशाही शुरू कर दी। अदाणी समूह ने घाटे की दुहाई देकर सीमेंट प्लांट बंद कर दिए, लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। बीडीटीएस और एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन के माध्यम से हजारों ट्रक ऑपरेटर पूर्व में तय फार्मूले के अनुसार निर्धारित रेट पर ही डुलाई कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे फैक्ट्री के लिए रॉ मैटेरियल की ढुलाई पर 40 फीसदी डिस्काउंट भी दे रहे हैं। एसीसी फैक्ट्री प्रबंधन को सभी जरूरी चीजें बेहद कम दरों पर उपलब्ध हो रही हैं। ऐसे में अदानी समूह घाटे की दुहाई देना पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा है। इस समूह की तानाशाही की वजह से हजारों ट्रांसपोर्टरों के साथ ही हजारों अन्य लोगों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। इसके लिए यही समूह पूरी तरह से जिम्मेदार है। बेहतर होगा कि अदाणी समूह अपना अडय़िल रवैया छोडक़र सीमेंट फैक्ट्रियों की पहले की तरह सुचारू तरीके से चलाएं। इस मौके पर बीडीटीएस प्रधान राकेश कुमार, महासचिव प्रदीप ठाकुर, कोषाध्यक्ष सुरेश चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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