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Bilaspur News: एम्स में दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक
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मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को दी जानकारी, विद्यार्थियों के लिए करवाईं प्रतियोगिताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह मनाया गया। इसका उद्देश्य दवाओं के दुष्प्रभावों की पहचान, समय पर रिपोर्टिंग और सुरक्षित दवा इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के तहत आयोजित किया गया। इस दौरान मार्कंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। इसमें मरीजों और तीमारदारों को दवाओं के दुष्प्रभावों और उनकी रिपोर्टिंग के बारे में जानकारी दी गई। इस संबंध में पर्चे भी वितरित किए गए। एम्स में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए व्याख्यान आयोजित कर प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास मेधी ने आमंत्रित विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान दिया। वेबिनार में संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ई-पोस्टर, रंगोली निर्माण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इनमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सप्ताह का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ।
कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता और स्वास्थ्य पेशेवरों को दवाओं से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया। दवा के इस्तेमाल के दौरान किसी भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया की जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों को देना और निर्धारित व्यवस्था के तहत उसकी रिपोर्टिंग करना दवाओं के सुरक्षित उपयोग तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह मनाया गया। इसका उद्देश्य दवाओं के दुष्प्रभावों की पहचान, समय पर रिपोर्टिंग और सुरक्षित दवा इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के तहत आयोजित किया गया। इस दौरान मार्कंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। इसमें मरीजों और तीमारदारों को दवाओं के दुष्प्रभावों और उनकी रिपोर्टिंग के बारे में जानकारी दी गई। इस संबंध में पर्चे भी वितरित किए गए। एम्स में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए व्याख्यान आयोजित कर प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास मेधी ने आमंत्रित विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान दिया। वेबिनार में संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ई-पोस्टर, रंगोली निर्माण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इनमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सप्ताह का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ।
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कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता और स्वास्थ्य पेशेवरों को दवाओं से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया। दवा के इस्तेमाल के दौरान किसी भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया की जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों को देना और निर्धारित व्यवस्था के तहत उसकी रिपोर्टिंग करना दवाओं के सुरक्षित उपयोग तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण है।
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