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Bilaspur News: चेक बाउंस मामले में अपील खारिज, एक माह की सजा बरकरार
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आठ लाख के ऋण की किस्तों के बदले दिया था एक लाख का चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त सत्र अदालत घुमारवीं ने एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में निचली अदालत से मिली सजा के खिलाफ महिला की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने एक माह कैद और 1.25 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि महिला चेक को सुरक्षा के तौर पर दिए जाने और ऋण की राशि चुकाने संबंधी अपना बचाव साबित नहीं कर सकी।
मामला पंजाब नेशनल बैंक की तल्याणा शाखा से जुड़ा है। महिला ने वर्ष 2015 में आठ लाख का व्यावसायिक ऋण लिया था। ऋण की किस्तों का भुगतान नहीं होने पर खाता एनपीए हो गया। इसके बाद आंशिक देनदारी चुकाने के लिए महिला की ओर से 26 अक्तूबर 2018 का एक लाख रुपये का चेक बैंक को दिया गया। भुगतान के लिए चेक प्रस्तुत करने पर ये बाउंस हो गया।
सुनवाई के बाद घुमारवीं की न्यायिक अदालत ने महिला को दोषी ठहराया और सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ महिला ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त सत्र अदालत घुमारवीं ने एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में निचली अदालत से मिली सजा के खिलाफ महिला की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने एक माह कैद और 1.25 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि महिला चेक को सुरक्षा के तौर पर दिए जाने और ऋण की राशि चुकाने संबंधी अपना बचाव साबित नहीं कर सकी।
मामला पंजाब नेशनल बैंक की तल्याणा शाखा से जुड़ा है। महिला ने वर्ष 2015 में आठ लाख का व्यावसायिक ऋण लिया था। ऋण की किस्तों का भुगतान नहीं होने पर खाता एनपीए हो गया। इसके बाद आंशिक देनदारी चुकाने के लिए महिला की ओर से 26 अक्तूबर 2018 का एक लाख रुपये का चेक बैंक को दिया गया। भुगतान के लिए चेक प्रस्तुत करने पर ये बाउंस हो गया।
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सुनवाई के बाद घुमारवीं की न्यायिक अदालत ने महिला को दोषी ठहराया और सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ महिला ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी।