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Bilaspur News: श्रीराम तीर्थ से बिलासपुर पहुंचीं अखंड ज्योतियां
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श्री राम तीर्थ से बिलासपुर पहुंचीं अखंड पावन ज्योति को रामलीला कमेटियों को सौंपते स्वयंसेवी। स्
महर्षि वाल्मीकि मंदिर में हुआ स्वागत,नवरात्र में रामलीलाओं के दौरान प्रज्वलित रहेंगी ज्योतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि श्रीराम तीर्थ से लाई गई अखंड पावन ज्योतियां बिलासपुर पहुंच गई हैं। डियारा सेक्टर स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में ज्योतियां लेकर पहुंचे स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया। जिला वाल्मीकि सभा के प्रधान अशोक कुमार की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने ज्योतियों के दर्शन किए। सामाजिक समरसता मंच के सौजन्य से आयोजित यात्रा में जिले की विभिन्न रामलीला कमेटियों और मंदिरों के करीब 35 प्रतिनिधि शामिल रहे।
मंच के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रकाश ठाकुर ने बताया कि अखंड ज्योति यात्रा नौ अक्तूबर को शुरू हुई थी। दस अक्तूबर को मंडी भराड़ी में यात्रा का स्वागत किया गया। इसके बाद ज्योतियां बिलासपुर पहुंचीं। यहां से विभिन्न रामलीला कमेटियों के प्रतिनिधि उन्हें अपने आयोजन स्थलों पर ले गए। इनमें आदर्श श्रीराम नाटक समिति घुमारवीं, रामलीला कमेटी मोरसिंघी, बल्हसीणा और बरठीं की समितियों सहित अन्य मंदिरों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
डॉ. प्रकाश ठाकुर ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम तीर्थ में तपस्या की थी। मान्यता है कि माता सीता के वनवास के दौरान लव-कुश का पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा भी इसी स्थान पर हुई थी। इसी आस्था को आगे बढ़ाने के लिए अखंड ज्योतियां लाई गई हैं। इनका उपयोग जिले में नवरात्र के दौरान होने वाली रामलीलाओं और धार्मिक प्रस्तुतियों में किया जाएगा। प्रथम नवरात्र से अंतिम नवरात्र तक ज्योतियां निरंतर प्रज्वलित रखी जाएंगी। यात्रा में सामाजिक समरसता मंच के प्रांत संयोजक ओम प्रकाश, विभाग संयोजक अनिल, जिला संयोजक भीम सेन, कृष्णा, नरेंद्र, रामदास, सुरेश धीमान और पवन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि श्रीराम तीर्थ से लाई गई अखंड पावन ज्योतियां बिलासपुर पहुंच गई हैं। डियारा सेक्टर स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में ज्योतियां लेकर पहुंचे स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया। जिला वाल्मीकि सभा के प्रधान अशोक कुमार की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने ज्योतियों के दर्शन किए। सामाजिक समरसता मंच के सौजन्य से आयोजित यात्रा में जिले की विभिन्न रामलीला कमेटियों और मंदिरों के करीब 35 प्रतिनिधि शामिल रहे।
मंच के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रकाश ठाकुर ने बताया कि अखंड ज्योति यात्रा नौ अक्तूबर को शुरू हुई थी। दस अक्तूबर को मंडी भराड़ी में यात्रा का स्वागत किया गया। इसके बाद ज्योतियां बिलासपुर पहुंचीं। यहां से विभिन्न रामलीला कमेटियों के प्रतिनिधि उन्हें अपने आयोजन स्थलों पर ले गए। इनमें आदर्श श्रीराम नाटक समिति घुमारवीं, रामलीला कमेटी मोरसिंघी, बल्हसीणा और बरठीं की समितियों सहित अन्य मंदिरों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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डॉ. प्रकाश ठाकुर ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम तीर्थ में तपस्या की थी। मान्यता है कि माता सीता के वनवास के दौरान लव-कुश का पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा भी इसी स्थान पर हुई थी। इसी आस्था को आगे बढ़ाने के लिए अखंड ज्योतियां लाई गई हैं। इनका उपयोग जिले में नवरात्र के दौरान होने वाली रामलीलाओं और धार्मिक प्रस्तुतियों में किया जाएगा। प्रथम नवरात्र से अंतिम नवरात्र तक ज्योतियां निरंतर प्रज्वलित रखी जाएंगी। यात्रा में सामाजिक समरसता मंच के प्रांत संयोजक ओम प्रकाश, विभाग संयोजक अनिल, जिला संयोजक भीम सेन, कृष्णा, नरेंद्र, रामदास, सुरेश धीमान और पवन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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