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Bilaspur News: 956 ग्राम चरस मामले में आरोपी को जमानत

Wed, 22 Apr 2026 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 22 Apr 2026 11:26 PM IST
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Accused in 956 gram hashish case gets bail
अदालत से
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मेहला टनल के पास नाके के दौरान पकड़ी गई थी खेप
विशेष अदालत बिलासपुर ने आदेश किया पारित

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे आरोपी को विशेष न्यायाधीश-II बिलासपुर की अदालत ने जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने आरोपी को 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक जमानती के साथ सशर्त रिहा करने के आदेश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार 24 मार्च 2026 को थाना स्वारघाट पुलिस टीम मेहला टनल नंबर-1 के पास वाहनों की जांच के लिए नाका लगाए हुए थी। इसी दौरान एक आल्टो कार को जांच के लिए रोका गया था। जांच के दौरान चालक ने संदिग्ध व्यवहार दिखाते हुए अपने पैरों के पास रखे हरे रंग के लिफाफे को छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने शक के आधार पर लिफाफे की तलाशी ली तो उसमें 956 ग्राम चरस/कैनाबिस बरामद हुई। बरामदगी के बाद पुलिस ने मौके पर कानूनी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी को संदेह के आधार पर झूठा फंसाया गया है। बरामदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए और कहा गया कि जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए अब हिरासत की आवश्यकता नहीं है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के कब्जे से मादक पदार्थ बरामद हुआ है। यदि उसे रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है और नशा तस्करी की गतिविधियों में दोबारा शामिल हो सकता है।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बरामदगी इंटरमीडिएट क्वांटिटी की श्रेणी में आती है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के कठोर प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होते। अदालत ने यह भी माना कि इस स्तर पर आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता नहीं है और उसे लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए कई कड़ी शर्तें लगाई हैं, जिनमें 1 लाख रुपये का निजी मुचलका व समान राशि का जमानती, बिना अनुमति देश से बाहर जाने पर रोक, किसी भी प्रकार के समान, अपराध में शामिल न होने की शर्त, गवाहों से संपर्क, धमकी या दबाव डालने पर पूर्ण प्रतिबंध, शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द होगी शामिल है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाएगी और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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