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सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत पर अभिभावक उग्र
Updated Tue, 18 Sep 2018 08:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहतलाई (बिलासपुर)। सरकारी तंत्र का प्रदेश की सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहालों के साथ उदासीन रवैया के चलते अभिभावकों में गहरा रोष है। अभिभावकों का कहना है कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में नौनिहालों के साथ हो रही दुर्घटनाओं से कोई सबक लेने को तैयार नहीं है।
हर दिन प्रदेश में नौनिहालों के साथ दुर्घटनाएं हो रही हैं। कोसरियां पंचायत प्रधान पंचायत समीति सदस्य राजकुमार, पंचायत सदस्य कमल कुमार, अभिभावक बबली कुमार, सुभाष चंद का कहना है कि स्कूल के भवन की हालत को लेकर कई बार शिक्षा विभाग को लिखित व मौखिक रूप से बताने के बाद भी शिक्षा विभाग के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही है। सरकार सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाने की घोषणाएं कर रही हैं लेकिन बच्चों को पाठशाला में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में नाकामयाब है। क्षेत्र की सभी पाठशालाओं के भवन खस्ताहाल में है। पता नहीं कब कहां कोई हादसा हो जाए। अगर विभाग समय पर जाग जाता तो आज करण, मुनीष व अंशुल को दर्द सहन न करने पड़ती।
उधर, झंडूता ने एसडीएम ने पाठशाला के खस्ताहाल भवन का मुआयना किया व विभाग को एक रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं।
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शाहतलाई (बिलासपुर)। सरकारी तंत्र का प्रदेश की सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहालों के साथ उदासीन रवैया के चलते अभिभावकों में गहरा रोष है। अभिभावकों का कहना है कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में नौनिहालों के साथ हो रही दुर्घटनाओं से कोई सबक लेने को तैयार नहीं है।
हर दिन प्रदेश में नौनिहालों के साथ दुर्घटनाएं हो रही हैं। कोसरियां पंचायत प्रधान पंचायत समीति सदस्य राजकुमार, पंचायत सदस्य कमल कुमार, अभिभावक बबली कुमार, सुभाष चंद का कहना है कि स्कूल के भवन की हालत को लेकर कई बार शिक्षा विभाग को लिखित व मौखिक रूप से बताने के बाद भी शिक्षा विभाग के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही है। सरकार सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाने की घोषणाएं कर रही हैं लेकिन बच्चों को पाठशाला में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में नाकामयाब है। क्षेत्र की सभी पाठशालाओं के भवन खस्ताहाल में है। पता नहीं कब कहां कोई हादसा हो जाए। अगर विभाग समय पर जाग जाता तो आज करण, मुनीष व अंशुल को दर्द सहन न करने पड़ती।
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उधर, झंडूता ने एसडीएम ने पाठशाला के खस्ताहाल भवन का मुआयना किया व विभाग को एक रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं।