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तप किए बिना ज्ञान की प्राप्ति असंभव: शास्त्री
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:54 AM IST
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बिलासपुर। दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में चल रहे महापर्व पर्यूषण के मौके पर सभी श्रद्धालुु सातवें दिन बृहस्पतिवार को नगर के मोहल्ला साहूकारा स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सुबह एकत्र हुए। श्रद्धालुओं ने सातवें दिन उत्तम तप धर्म की आराधना की। सांगानेर गुरुकुल जयपुर से आए पंडित अंकित जैन शास्त्री ने मंत्रोच्चार द्वारा विधिवत पूजन का कार्य संपन्न कराया। श्री जी की प्रतिमा का अभिषेक अशोक सिंह ने किया और चारों दिशाओं से अभिषेक आदित्य जैन, अक्षत जैन, पीषूष जैन, सुदीप जैन ने किया। विश्वशांति के लिए शांति धारा दीपक जैन व आरब चंद्र जैन ने की। मंगल आरती साधना जैन परिवार ने की।
पूनम जैन व पूजा जैन, स्फूर्ति जैन ने संगीतमय पूजा कराई। भगवान पुष्पद दंत जी व भगवान शीतलनाथ जी विशेष पूजा की गई। सायंकालीन मंगल आरती के बाद साक्षी जैन व सीमा जैन ने भजन सुनाए एवं यश जैन ने मुनि तरुण सागर महाराज के प्रवचनों के अंश प्रस्तुत किए। प्रिया जैन ने प्रथम सोपान प्रतियोगिता कराई। नरेश जैन ने प्रवचन पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई। जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्तर दिए। अक्षत जैन के उपवास का सातवां दिन भी व्यतीत हुआ। प्रवचनकर्ता ने उत्तम तप धर्म पर चर्चा की।
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पूनम जैन व पूजा जैन, स्फूर्ति जैन ने संगीतमय पूजा कराई। भगवान पुष्पद दंत जी व भगवान शीतलनाथ जी विशेष पूजा की गई। सायंकालीन मंगल आरती के बाद साक्षी जैन व सीमा जैन ने भजन सुनाए एवं यश जैन ने मुनि तरुण सागर महाराज के प्रवचनों के अंश प्रस्तुत किए। प्रिया जैन ने प्रथम सोपान प्रतियोगिता कराई। नरेश जैन ने प्रवचन पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई। जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्तर दिए। अक्षत जैन के उपवास का सातवां दिन भी व्यतीत हुआ। प्रवचनकर्ता ने उत्तम तप धर्म पर चर्चा की।
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